नई दिल्ली: देश के कर संग्रह के मोर्चे पर एक बड़ी और सकारात्मक खबर सामने आई है, जिसके तहत पिछले महीने के मुकाबले कुल राजस्व में जबरदस्त उछाल दर्ज किया गया है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इस बार का राजस्व संग्रह पिछले वर्ष की इसी अवधि के मुकाबले काफी मजबूत स्थिति में रहा है।
सालाना आधार पर राजस्व में पंद्रह प्रतिशत से अधिक का उछाल
हाल ही में जारी आधिकारिक मासिक रिपोर्ट से पता चलता है कि कुल कर संग्रह में पिछले साल की तुलना में पंद्रह प्रतिशत से अधिक की उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इस मजबूत बढ़ोतरी ने देश की आर्थिक गतिविधियों और कर अनुपालन में आए बड़े सुधार को स्पष्ट रूप से दर्शाया है।
घरेलू व्यापार और बाजार की गतिविधियों में निरंतर मजबूती
देश के भीतर होने वाले व्यवसाय और वाणिज्यिक गतिविधियों से प्राप्त होने वाले राजस्व में भी दहाई अंकों की बढ़त दर्ज की गई है। घरेलू बाजार की यह स्थिरता इस बात का प्रमाण है कि आंतरिक व्यापार और जनसामान्य की खपत का स्तर लगातार बेहतर बना हुआ है।
आयात से प्राप्त होने वाले करों में भारी बढ़ोतरी
घरेलू कारोबार के अलावा आयात के जरिए मिलने वाले राजस्व में भी बहुत बड़ा उछाल देखने को मिला है। विदेशों से आने वाले सामानों पर मिलने वाले करों में लगभग अट्ठाइस प्रतिशत की भारी वृद्धि दर्ज की गई, जिससे कुल राजस्व को एक नया मुकाम हासिल हुआ है।
वैश्विक चुनौतियों के बावजूद देश की अर्थव्यवस्था की स्थिरता
विशेषज्ञों का मानना है कि बाहरी और भू-राजनीतिक तनावों के बावजूद देश के भीतर आर्थिक और व्यावसायिक गतिविधियां पूरी तरह पटरी पर और स्थिर बनी हुई हैं। घरेलू मोर्चे और आयात दोनों से मिले मजबूत समर्थन ने कुल कर संग्रह को एक नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई है।

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