रांची: झारखंड के दूरदराज और पर्वतीय अंचलों में रहने वाले नागरिकों को अपने प्रशासनिक कार्यों के लिए अब जिला मुख्यालयों के चक्कर काटने से बड़ी राहत मिलने लगी है। राज्य सरकार के निर्देश पर ग्रामीण क्षेत्रों में आयोजित किए जा रहे इन विशेष शिविरों के माध्यम से स्थानीय लोगों के कई महत्वपूर्ण कार्य घर के नजदीक ही सुगमता से पूरे किए जा रहे हैं।
शिविरों के माध्यम से लर्निंग लाइसेंस बनवाने में मिली बड़ी सफलता
इन विशेष आयोजनों के दौरान परिवहन सेवाओं से जुड़ी सुविधाओं को सीधे जनता तक पहुंचाया गया है, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। प्रशासन द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार इन शिविरों के माध्यम से ग्रामीण इलाकों में रिकॉर्ड संख्या में लोगों के दस्तावेज तैयार किए जा चुके हैं।
राज्य गठन के पश्चात इस प्रकार की अनूठी पहल का पहली बार हुआ संचालन
झारखंड राज्य के अस्तित्व में आने के बाद से इस तरह के व्यापक और जन-कल्याणकारी शिविरों का आयोजन पहले कभी देखने को नहीं मिला था। इस अभूतपूर्व व्यवस्था के जरिए उन क्षेत्रों के निवासियों को प्राथमिकता दी गई है, जिन्हें यातायात या अन्य प्रशासनिक औपचारिकताओं के लिए लंबी दूरियां तय करनी पड़ती थीं।
आम जनता के समय और संसाधनों की हो रही है खासी बचत
पहले जहां पर्वतीय और ग्रामीण अंचलों के लोगों को अपने दस्तावेजों के नवीनीकरण या नए लाइसेंस के लिए भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था, वहीं अब स्थानीय स्तर पर कैंप लगने से उनके धन और समय दोनों की काफी बचत हो रही है। इस व्यवस्था से आम नागरिकों में काफी संतोष का भाव देखा जा रहा है।

More Stories
शिकायत के बाद भी नहीं बची जान? जमीन विवाद में बुजुर्ग की मौत से उठे सवाल
प्रतिबंधित इंजेक्शन मामले में सियासत तेज, बीजेपी ने कांग्रेस नेता के खिलाफ जांच मांगी
E20 विवाद में तहसीन पूनावाला की एंट्री, बोले- भूख हड़ताल से पहले किया गया नजरबंद