‘आर्यन’ टैटू पर भड़का हिस्ट्रीशीटर, छात्रा पर ताबड़तोड़ फायरिंग; हथियार सप्लायर रडार पर

मेरठ| मेरठ के डिफेंस एन्क्लेव क्षेत्र में दिनदहाड़े घटी एक खौफनाक घटना ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है। कुख्यात हिस्ट्रीशीटर आदित्य प्रधान ने 12वीं कक्षा की छात्रा अनुष्का को ताबड़तोड़ तीन गोलियां मारकर गंभीर रूप से घायल कर दिया और इसके तुरंत बाद खुद को भी गोली से उड़ाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। अब पुलिस की तफ्तीश में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि इस खूनी संघर्ष की मुख्य वजह छात्रा के शरीर पर गुदा 'आर्यन' नाम का एक टैटू था। इसी टैटू को देखने के बाद दोनों के बीच भयंकर विवाद हुआ, जो कुछ ही मिनटों में खूनी वारदात में बदल गया।

टैटू को लेकर भड़का आदित्य, बरसाईं गोलियां

पुलिस की शुरुआती जांच के अनुसार, आरोपी आदित्य ने मृतका अनुष्का को बातचीत के लिए बुलाया था। मुलाकात के दौरान जब उसकी नजर छात्रा के शरीर पर बने 'आर्यन' नाम के टैटू पर पड़ी, तो वह आगबबूला हो गया। इस बात को लेकर दोनों के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। विवाद इतना बढ़ा कि गुस्से में अंधे हुए आदित्य ने अपनी पिस्टल निकाली और अनुष्का पर एक के बाद एक तीन गोलियां दाग दीं। इसके तत्काल बाद उसने खुद के सीने में भी दो गोलियां उतार लीं और मौके पर ही दम तोड़ दिया।

गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती है छात्रा

घटना के बाद लहुलुहान हालत में अनुष्का को तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां फिलहाल सुभारती अस्पताल में उसका इलाज जारी है। चिकित्सकों ने जटिल ऑपरेशन के बाद उसके पेट से दो गोलियां सफलतापूर्वक निकाल ली हैं, हालांकि सिर में फंसी गोली के चलते उसकी हालत नाजुक बनी हुई है और न्यूरो सर्जरी की तैयारी की जा रही है। पुलिस ने पीड़िता की मां की लिखित शिकायत के आधार पर मृत आरोपी आदित्य के खिलाफ हत्या के प्रयास समेत विभिन्न गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।

हथियार तस्करों तक पहुंची पुलिस, शावेज की तलाश जारी

पुलिस की गहन जांच में यह अहम सुराग हाथ लगा है कि इस सनसनीखेज वारदात में इस्तेमाल किए गए दोनों अवैध हथियार (पिस्टल) लिसाड़ी गांव निवासी शावेज उर्फ शेरा ने आरोपी आदित्य को मुहैया कराए थे। शावेज पहले भी अवैध शस्त्र तस्करी के मामलों में जेल की हवा खा चुका है और आदित्य का पुराना आपराधिक साथी रहा है। उसकी गिरफ्तारी के लिए मेरठ पुलिस की तीन विशेष टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। घटनास्थल से बरामद दोनों पिस्टलों की फोरेंसिक जांच भी कराई जा रही है।

आपराधिक इतिहास और पुराना रिकॉर्ड

मुख्य आरोपी आदित्य प्रधान कंकरखेड़ा थाने का सूचीबद्ध हिस्ट्रीशीटर था। उसके विरुद्ध हत्या के प्रयास, अवैध हथियार तस्करी, लूटपाट और अन्य संगीन अपराधों के तहत छह से अधिक आपराधिक मुकदमे दर्ज थे। वर्ष 2023 में प्रशासन ने उस पर सख्त गुंडा एक्ट की कार्रवाई भी की थी। वह बीते 16 जून को ही जमानत पर जेल से बाहर आया था और तभी से लगातार छात्रा अनुष्का पर दबाव बनाने व संपर्क करने का प्रयास कर रहा था। पुलिस अब दोनों के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल, डेटा और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगालकर इस पूरे मामले के हर एक पहलू की गहराई से जांच कर रही है।