भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून की गतिविधियों में एक बार फिर तेजी आ गई है। राज्य में एक साथ तीन मौसम प्रणालियों के प्रभावी होने से बारिश का दायरा काफी बढ़ गया है। मौसम विभाग ने गुरुवार को प्रदेश के 17 जिलों में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की है, जिसमें से कुछ जगहों पर 24 घंटे में चार इंच से भी ज्यादा पानी बरस सकता है।
धार और देवास समेत 5 जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट
मौसम विभाग ने धार, देवास, बुरहानपुर, हरदा और नर्मदापुरम जिलों में अति भारी बारिश की नारंगी चेतावनी जारी की है। इसके अलावा उज्जैन, शाजापुर, सीहोर, बड़वानी, खरगोन, खंडवा, रायसेन, सागर, बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा और सिवनी में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं भोपाल, इंदौर, रतलाम सहित कई अन्य जिलों में भी गरज-चमक के साथ बारिश का दौर बना रहेगा।
2 अगस्त तक बनी रहेगी मौसम प्रणालियों की सक्रियता
मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक के मुताबिक प्रदेश में सक्रिय मौसम तंत्र का प्रभाव आगामी 2 अगस्त तक देखने को मिलेगा। इस दौरान विशेष रूप से मालवा-निमाड़ और उसके आसपास के इलाकों में तेज से अति भारी बारिश होने के पूरे आसार हैं।
नदी-नाले उफान पर, रास्ते हुए बाधित
बुधवार को बालाघाट, रतलाम, पचमढ़ी, भोपाल और ग्वालियर में तेज बारिश दर्ज की गई। बालाघाट में मूसलाधार बारिश के चलते नदी-नाले उफान पर आ गए और बैहर-परसवाड़ा मार्ग पर पेड़ गिरने से यातायात प्रभावित हुआ। ग्रामीण क्षेत्रों में भी कई रास्तों पर जलभराव से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
औसत से 16 फीसदी पीछे है राज्य की बारिश
हालिया बारिश के बावजूद मध्य प्रदेश में अब तक की कुल बारिश का आंकड़ा सामान्य से कम है। प्रदेश में अब तक 14.1 इंच औसत बारिश हुई है, जबकि इस समय तक 16.9 इंच बारिश होनी चाहिए थी, जो कि 16% की कमी को दर्शाता है। राज्य के 47 जिलों में अब तक सामान्य से कम वर्षा हुई है, जबकि भोपाल, इंदौर, देवास और मंदसौर जैसे कुछ जिलों में सामान्य से अधिक पानी गिरा है।

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