संसद में आज पेपर लीक मुद्दे पर बड़ी बहस, राहुल गांधी के निशाने पर केंद्र सरकार

नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र के दौरान कई अहम मुद्दों पर गहमागहमी बनी हुई है। कावेरी जल विवाद और दलबदल विरोधी कानून को लेकर विपक्षी सांसदों ने काम रोको प्रस्ताव का नोटिस दिया है, वहीं पेपर लीक रोकने के लिए लाए जा रहे नए कानून पर भी सदन में तीखी चर्चा चल रही है।

कावेरी जल विवाद: राज्यसभा में काम रोको प्रस्ताव

कांग्रेस सांसद प्रवीन चक्रवर्ती ने राज्यसभा में काम रोको प्रस्ताव का नोटिस सौंपा है। उन्होंने जल शक्ति मंत्रालय पर सदन में गलत जानकारी देने का आरोप लगाया और कावेरी जल नियमन समिति (CWRC) के फैसले को लागू करने की मांग की। समिति ने कर्नाटक को 4 टीएमसी फीट पानी छोड़ने का निर्देश दिया था, जिसे पूरा कराने के लिए सांसद ने संसद में तुरंत चर्चा की मांग की है।

दलबदल विरोधी कानून: नए और कड़े नियमों की मांग

लोकसभा में कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने देश में एक नया दलबदल विरोधी कानून बनाने की मांग को लेकर काम रोको प्रस्ताव दिया है। उन्होंने कहा कि केवल सत्ता के लिए होने वाले सामूहिक दलबदल पर रोक लगनी चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने यह भी मांग की कि सांसदों और विधायकों को पार्टी व्हिप के डर के बिना संसद में अपनी बात और असहमति दर्ज कराने की पूरी आजादी मिलनी चाहिए।

पेपर लीक संशोधन विधेयक पर संसद में बहस

संसद में 'लोक परीक्षा संशोधन विधेयक 2026' पर लगातार बहस जारी है। सरकार इस विधेयक के माध्यम से 2024 के सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम में सुधार करना चाहती है ताकि परीक्षाओं में धांधली और पेपर लीक को रोका जा सके। इस मुद्दे पर राहुल गांधी समेत विपक्ष के नेता सरकार को घेरने की तैयारी में हैं।