नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र में भाग लेने पहुंचीं भाजपा सांसद कंगना रनौत ने पूर्ववर्ती यूपीए सरकार के शिक्षा बजट और हालिया पेपर लीक विरोधी कदम पर तीखा हमला बोला है। लोकसभा परिसर में मीडिया से बात करते हुए कंगना ने देश की परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त बनाने के लिए केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का समर्पण पूरे विश्व के लिए एक अनूठा उदाहरण है।
विपक्ष पर साधा निशाना
कंगना रनौत ने शिक्षा के बजट को लेकर कांग्रेस और विपक्ष पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि यूपीए शासनकाल के दौरान शिक्षा क्षेत्र का बजट बेहद मामूली हुआ करता था। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि विपक्षी नेताओं की मौजूदा बयानबाजी 'खिसियानी बिल्ली खंभा नोचे' जैसी स्थिति को दर्शाती है, क्योंकि वे वर्तमान सरकार द्वारा शिक्षा प्रणाली में किए जा रहे ऐतिहासिक सुधारों को पचा नहीं पा रहे हैं।
पेपर लीक के खिलाफ कड़ा कानून
देश में निष्पक्ष और पारदर्शी परीक्षाएं आयोजित कराने के उद्देश्य से लोकसभा में 'लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026' प्रस्तुत किया गया। कार्मिक राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह द्वारा पेश किए गए इस विधेयक में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ अत्यंत कठोर कानूनी प्रावधान किए गए हैं। नए कानून के तहत दोषियों को 10 साल तक के कारावास और 10 करोड़ रुपये तक के भारी जुर्माने के साथ-साथ संपत्ति जब्त करने जैसी सख्त सजा का सामना करना पड़ेगा।
उच्च स्तरीय टास्क फोर्स का गठन
परीक्षा प्रणाली में आधुनिक तकनीक का समावेशन सुनिश्चित करने और उसकी साख बहाल करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। सरकार ने जाने-माने टेक्नोलॉजी विशेषज्ञ नंदन नीलेकणि की अध्यक्षता में एक हाई-पावर टास्क फोर्स गठित करने का निर्णय लिया है। यह समिति परीक्षा सुधारों पर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी, जिसके आधार पर भविष्य की

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