नई दिल्ली। संसद भवन परिसर स्थित पुस्तकालय भवन में मंगलवार को सत्ताधारी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के सांसदों की महत्वपूर्ण बैठक 'मंगल मिलन' का आयोजन किया गया। यह बैठक लोकसभा में प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली रोकने से जुड़े संशोधन विधेयक 2026 के पेश होने के ठीक दूसरे दिन बुलाई गई।
नए सहयोगियों की मौजूदगी बनी आकर्षण
इस बार की बैठक इसलिए भी चर्चा में रही क्योंकि तृणमूल कांग्रेस (TMC) का दामन छोड़कर नई पार्टी 'एनसीपीआई' बनाने वाले कई सांसद पहली बार गठबंधन के इस मंच पर नजर आए। इनमें काकोली घोष, शताब्दी रॉय और सायोनी घोष जैसे प्रमुख नाम शामिल रहे, जिन्होंने एनडीए की इस विशेष बैठक में हिस्सा लिया।
पीएम मोदी की मौजूदगी में आगे की रणनीति तय
जीएमसी बालयोगी सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू, अर्जुन राम मेघवाल, प्रह्लाद जोशी और जितेंद्र सिंह समेत गठबंधन के तमाम दिग्गज नेता मौजूद रहे। बैठक का मुख्य मकसद एक तरफ जहां कड़े परीक्षा-विरोधी कानून को संसद में पास कराना है, वहीं दूसरी तरफ दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर हमलावर विपक्ष का मुकाबला करने की रणनीति तैयार करना है।
संसद में हंगामे के बीच पेश हुआ था मसौदा
गौरतलब है कि एक दिन पहले ही केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने विपक्षी सदस्यों की भारी नारेबाजी और शोर-शराबे के बीच इस नए संशोधन कानून का ड्राफ्ट निचले सदन में प्रस्तुत किया था।

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