रावलकोट। पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर में चल रहा विरोध प्रदर्शन अचानक हिंसक हो गया है। प्रशासन से बातचीत टूटने के बाद मुजफ्फराबाद की ओर बढ़ रहे लोगों पर सुरक्षा बलों ने गोलियां चला दीं, जिसमें 19 से अधिक लोगों की जान चली गई और कई लोग घायल हो गए।
बातचीत बेनतीजा रहने पर बढ़ा तनाव
प्रदर्शनकारी पिछले 52 दिनों से अपनी मांगों, गिरफ्तार साथियों की रिहाई और दर्ज मामलों को वापस लेने के लिए आंदोलन कर रहे थे। जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (जेएएसी) ने सरकार को 27 जुलाई दोपहर 1 बजे तक का अल्टीमेटम दिया था। मांगें न माने जाने पर हजारों की संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए और मुजफ्फराबाद की तरफ मार्च करने लगे।
सुरक्षा बलों पर अंधाधुंध फायरिंग का आरोप
रावलकोट में प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने अंधाधुंध गोलीबारी कर दी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अचानक हुई इस फायरिंग से वहां भगदड़ मच गई और सड़कें खून से सन गईं।
अस्पतालों में एम्बुलेंस की कमी
स्थानीय लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि मौकों पर हालात बेहद चिंताजनक हो चुके हैं। घायलों की संख्या इतनी ज्यादा है कि एम्बुलेंस और गाड़ियां कम पड़ गईं। लोग अपने घायल साथियों को पैदल ही उठाकर अस्पताल पहुँचाने को मजबूर दिखे। प्रदर्शनकारियों ने इस पूरी घटना पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय से दखल देने की गुहार लगाई है।

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