रामपुर: उत्तर प्रदेश के रामपुर स्थित चर्चित मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी को जिला प्रशासन की ओर से की जाने वाली कार्रवाई के मामले में एक बड़ी राहत मिली है। मुरादाबाद मंडल के आयुक्त ने रामपुर के जिलाधिकारी द्वारा दिए गए आदेश पर अंतरिम रोक लगाने का औपचारिक निर्देश जारी कर दिया है। इस फैसले के बाद अब स्पष्ट हो चुका है कि फिलहाल जौहर यूनिवर्सिटी परिसर पर किसी भी प्रकार का बुलडोजर एक्शन नहीं चलाया जाएगा।
अगले आदेश तक टली प्रशासनिक कार्रवाई, कल होनी थी सुनवाई
आयुक्त के इस महत्वपूर्ण निर्णय के बाद अब यूनिवर्सिटी परिसर में प्रस्तावित सभी प्रकार की प्रशासनिक और ध्वस्तीकरण से जुड़ी कार्रवाई अगले आदेशों तक पूरी तरह से स्थगित कर दी गई है। इस पूरे कानूनी विवाद के संबंध में आगे की सुनवाई और संबंधित पक्षों की दलीलों पर गहराई से विचार करने के बाद ही अगला कदम उठाया जाएगा। हालांकि, इस मामले में कल अदालत में सुनवाई तय थी, लेकिन न्यायिक कार्य से जुड़े शोक प्रस्ताव यानी कंडोलेंस के कारण अदालतों में हड़ताल रहने की बात सामने आई है।
बिना नक्शे के निर्माण का हवाला देकर आरडीए ने दिए थे ध्वस्तीकरण के आदेश
गौरतलब है कि रामपुर विकास प्राधिकरण यानी आरडीए ने मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय परिसर के भीतर बिना नक्शा स्वीकृत कराए बनाए गए भवनों और निर्माण कार्यों के मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए ध्वस्तीकरण का आदेश जारी किया था। प्राधिकरण की ओर से यह पूरी कार्रवाई उत्तर प्रदेश नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम, 1973 की धारा-27 की उपधारा-1 के प्रावधानों के तहत अमल में लाई जा रही थी।
आगे की कानूनी प्रक्रिया और दोनों पक्षों के तर्कों पर टिकी निगाहें
मंडल आयुक्त द्वारा रोक लगाए जाने के बाद अब इस हाई-प्रोफाइल मामले में दोनों पक्षों के कानूनी जानकारों और वकीलों की दलीलों पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं। अदालत और मंडलीय कोर्ट में होने वाली आगामी सुनवाइयों के आधार पर ही यह तय होगा कि यूनिवर्सिटी के इन विवादास्पद निर्माण कार्यों को लेकर प्रशासनिक स्तर पर आगे क्या रुख अपनाया जाता है।

More Stories
पेपर लीक मुद्दे पर पिघली बर्फ, सरकार और विपक्ष में बनी सहमति; कल सदन में हो सकती है चर्चा
राजनाथ सिंह की पाकिस्तान को चेतावनी, कहा- पीओके के अलावा किसी मुद्दे पर नहीं होगी बात
राजकोट एयरपोर्ट पर इंडिगो विमान की इमरजेंसी लैंडिंग, दुबई से मुंबई जा रही थी फ्लाइट