नई दिल्ली: देश की राजधानी नई दिल्ली में केंद्र सरकार और आंदोलनरत कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रतिनिधियों के बीच चल रहे गतिरोध को समाप्त करने की दिशा में एक बड़ा और महत्वपूर्ण मोड़ आया है। दोनों पक्षों के बीच चली लंबी और मैराथन बैठकों का दौर आखिरकार सफल रहा है। सरकार और सीजेपी के बीच हुई तीसरे दौर की यह अहम बैठक सफलतापूर्वक संपन्न हो गई है।
इस उच्चस्तरीय बैठक में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह विशेष रूप से मौजूद रहे। बैठक के दौरान दोनों पक्षों के बीच सीजेपी संगठन द्वारा उठाई गई कुल पांच प्रमुख मांगों पर बहुत ही विस्तार से और सकारात्मक चर्चा की गई, जिसके बाद सरकार ने उनकी सभी मांगों को स्वीकार कर लिया है। इसके साथ ही, सीजेपी के प्रतिनिधि सौरभ दास ने तत्काल प्रभाव से देश भर में चल रहे आंदोलन को पूरी तरह खत्म करने का भी आधिकारिक ऐलान कर दिया है।
साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी गई पूरी जानकारी
बैठक के संपन्न होने के तुरंत बाद सरकार और सीजेपी के प्रतिनिधियों ने एक संयुक्त (साझा) प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया, जिसमें इस पूरी वार्ता और उस पर बनी आम सहमति की विस्तृत जानकारी देश के सामने रखी गई।
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सौरभ दास का बयान: सीजेपी के मुख्य प्रवक्ता सौरभ दास ने प्रेस को संबोधित करते हुए बताया कि इस तीसरे दौर की बैठक में क्या-क्या महत्वपूर्ण बातें हुईं और सरकार के साथ किन-किन अहम मुद्दों पर पूर्ण सहमति बनी है।
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जंतर-मंतर का प्रदर्शन और प्रमुख मांगें: पिछले कई दिनों से राजधानी दिल्ली के ऐतिहासिक जंतर-मंतर पर उनका यह विरोध-प्रदर्शन लगातार जारी था, जिसकी मूल रूप से तीन सबसे मुख्य और बड़ी मांगें थीं:
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धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा: प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग थी कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से इस्तीफा दें।
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मुकदमे वापसी: आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारियों और आयोजकों के खिलाफ पुलिस द्वारा दर्ज की गई सभी कानूनी प्राथमिकियां (FIR) तत्काल प्रभाव से वापस ली जाएं तथा भविष्य में भी किसी भी प्रदर्शनकारी पर कोई नया मुकदमा दर्ज न किया जाए।
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आर्थिक मुआवजा: उन पीड़ित परिवारों को 1-1 करोड़ रुपये का भारी मुआवजा दिया जाए, जिन्होंने नीट (NEET) या अन्य प्रतियोगी परीक्षाएं समय पर आयोजित न होने और व्यवस्था की लापरवाही के कारण अपने प्रियजनों को खो दिया था।
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मांगें पूरी होने के बाद आंदोलन समाप्त
प्रवक्ता सौरभ दास ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान यह भी जानकारी दी कि बैठक से ठीक कुछ समय पहले ही शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपना इस्तीफा सौंप दिया है, जिसका सीधा अर्थ यह है कि उनकी सबसे पहली और बड़ी मांग को सरकार द्वारा स्वीकार कर लिया गया है। इसके अलावा, अन्य सभी मांगों पर भी सकारात्मक निर्णय होने के बाद सीजेपी ने अपने इस राष्ट्रव्यापी आंदोलन को तत्काल प्रभाव से समाप्त करने की घोषणा कर दी है।

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