September 8, 2026

मॉनसून की मार से रेल यातायात प्रभावित, गुजरात में कई गाड़ियां देरी से चल रहीं

जबलपुर: गुजरात में पिछले कुछ दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश के चलते रेल यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है। पटरियों पर जलभराव और खराब मौसम के कारण कई प्रमुख ट्रेनों के परिचालन समय में भारी बदलाव देखा जा रहा है। इसका सीधा असर जबलपुर पहुंचने वाली ट्रेनों पर पड़ रहा है। वेरावल से जबलपुर आने वाली सोमनाथ एक्सप्रेस ट्रेन शनिवार को अपने निर्धारित समय से लगभग 6 घंटे की देरी से जबलपुर पहुंची, जिससे यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

गुजरात में मूसलाधार बारिश से रेल यातायात प्रभावित

मानसून की भारी बारिश ने गुजरात के बड़े हिस्से को जलमग्न कर दिया है, जिसके कारण रेलवे प्रशासन को एहतियातन कई रेलगाड़ियों की गति धीमी करनी पड़ी है। गाड़ी संख्या 11463 वेरावल-जबलपुर सोमनाथ एक्सप्रेस बारिश से सर्वाधिक प्रभावित होने वाली ट्रेनों में से एक रही। लगभग छह घंटे की भारी देरी के कारण यात्रियों को लंबे समय तक स्टेशनों पर इंतजार करना पड़ा और उनकी आगे की यात्रा योजनाएं भी प्रभावित हुईं।

लंबी दूरी की अन्य कई प्रमुख ट्रेनें भी चल रही हैं लेट

गुजरात के अलावा देश के अन्य हिस्सों में मौसम की स्थिति और तकनीकी कारणों से जबलपुर रेल मंडल से गुजरने वाली कई अन्य गाड़ियां भी अपने नियत समय से काफी पीछे चल रही हैं। बेंगलुरु से दानापुर जाने वाली स्पेशल ट्रेन सर्वाधिक 11 घंटे की देरी से संचालित हुई, वहीं पुणे से दानापुर जाने वाली स्पेशल ट्रेन भी करीब तीन घंटे देरी से पहुंची। इसके अतिरिक्त एलटीटी-सूबेदारगंज स्पेशल ट्रेन भी अपने निर्धारित समय से तीन घंटे विलंब से चल रही है।

स्थानीय और इंटरसिटी पैसेंजर ट्रेनों की आवाजाही पर पड़ा असर

लंबी दूरी के साथ-साथ स्थानीय रूट की इंटरसिटी और पैसेंजर ट्रेनों के समय पर भी प्रतिकूल प्रभाव देखा गया। रीवा से जबलपुर आने वाली इंटरसिटी एक्सप्रेस 2 घंटे से अधिक की देरी से जबलपुर पहुंची, जबकि मंडला फोर्ट से जबलपुर आने वाली पैसेंजर ट्रेन भी लगभग डेढ़ घंटे लेट रही। ट्रेनों की लगातार लेटलतीफी के कारण दैनिक यात्रियों और नौकरीपेशा लोगों को काफी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।

रेलवे प्रशासन की पैनी नजर और यात्रियों के लिए निर्देश

रेल अधिकारियों का कहना है कि स्थिति को जल्द से जल्द सामान्य करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। सुरक्षा कारणों को ध्यान में रखते हुए प्रभावित क्षेत्रों में ट्रेनों की गति नियंत्रित की गई है। रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे अपनी यात्रा शुरू करने से पहले राष्ट्रीय ट्रेन पूछताछ प्रणाली (NTES) अथवा हेल्पलाइन के माध्यम से ट्रेनों की सही स्थिति की जांच अवश्य कर लें।