MP में छात्र आंदोलन तेज, 20 जिलों तक फैला प्रदर्शन, इंदौर में ड्रोन से नजर

भोपाल: मध्य प्रदेश में परीक्षाओं की शुचिता और पारदर्शिता की मांग को लेकर उठ रही आवाज़ें अब पूरे प्रदेश में मुखर हो गई हैं। राजधानी भोपाल समेत इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर और उज्जैन जैसे प्रमुख शहरों में व्यापक धरना-प्रदर्शन, रैलियां और ज्ञापन सौंपने का सिलसिला तेजी से जारी है। दिल्ली में चल रहे छात्र प्रदर्शन के समर्थन में शुरू हुए इस आंदोलन में युवाओं के साथ-साथ आम नागरिकों और सामाजिक संगठनों की भागीदारी भी लगातार बढ़ रही है। बढ़ते जनसमूह को देखते हुए राज्य प्रशासन ने प्रमुख संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं।

इंदौर में शुरू हुआ प्रदेश का सबसे बड़ा शांतिपूर्ण प्रदर्शन

राज्य में आंदोलन का मुख्य केंद्र इंदौर का टंट्या भील चौराहा बन गया है, जहां बीते जून माह के अंत में महज पांच छात्रों द्वारा शुरू किया गया शांतिपूर्ण धरना अब एक बड़े जन-आंदोलन का रूप ले चुका है। कड़ाके की बारिश के बावजूद प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं और धरना स्थल से हटने को तैयार नहीं हैं। इस दौरान प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन देने के लिए कई बार पैदल मार्च निकाला गया। अभ्यर्थियों का स्पष्ट कहना है कि परीक्षा प्रणाली में पूरी पारदर्शिता बरती जाए, कथित धांधली की निष्पक्ष जांच हो और जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई की जाए।

प्रमुख जिलों में फैली आंदोलन की आंच और मिला समर्थन

इंदौर के साथ-साथ भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर, सागर, रीवा, छिंदवाड़ा, रतलाम, देवास, सतना, कटनी, मंदसौर, खरगोन और विदिशा सहित 20 से अधिक जिलों में छात्र संगठन अत्यधिक सक्रिय हो गए हैं। कई स्थानों पर विशाल रैलियां और शांतिपूर्ण धरने आयोजित किए जा रहे हैं। स्थानीय नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के जुड़ने से छात्रों के इस अभियान को व्यापक जनसमर्थन मिल रहा है, जिससे युवाओं के भीतर परीक्षाओं की निष्पक्षता को लेकर एक नया विश्वास पैदा करने की कोशिश की जा रही है।

प्रशासन की मुस्तैदी और अत्याधुनिक तकनीकों से निगरानी

भीड़ और सुरक्षा चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए पुलिस प्रशासन ने प्रदेश भर में गश्त और अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी है। आंदोलन के गढ़ इंदौर में धरना स्थलों और रैलियों की गतिविधियों पर पैनी नजर रखने के लिए ड्रोन कैमरों और सीसीटीवी नेटवर्क का प्रयोग किया जा रहा है। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि यह सभी कदम कानून-व्यवस्था बनाए रखने और आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाए गए हैं।

सड़कों पर सुचारु आवाजाही के लिए वैकल्पिक ट्रैफिक योजना

प्रदर्शन स्थलों के आसपास आम चालकों को परेशानी न हो, इसके लिए यातायात पुलिस ने वैकल्पिक मार्ग निर्धारित किए हैं। प्रमुख शहरों के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी लगातार जमीनी हालात का जायजा ले रहे हैं ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखते हुए आम जनजीवन और यातायात व्यवस्था को सामान्य बनाए रखना है।