बिहार में महिलाओं के लिए पहली बार राष्ट्रीय स्किल इंस्टीट्यूट, 19 ट्रेड में मिलेगी ट्रेनिंग

पटना:बिहार की राजधानी पटना के बिहटा स्थित सिकंदरपुर औद्योगिक क्षेत्र में महिलाओं के लिए समर्पित राज्य के पहले राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थान (NSTI-W) के स्थायी परिसर का गुरुवार को भव्य शिलान्यास किया गया। इस ऐतिहासिक परियोजना का शुभारंभ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित एक विशेष वर्चुअल समारोह में संपन्न हुआ। इस गरिमामय कार्यक्रम में केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्य मंत्री जयंत चौधरी और बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने डिजिटल माध्यम से अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और बटन दबाकर परियोजना की आधारशिला रखी।

चार एकड़ में आकार लेगा अत्याधुनिक स्थायी परिसर, 500 महिलाओं को मिलेगा एक साथ प्रशिक्षण

यह महत्वाकांक्षी संस्थान बिहार में महिलाओं के सर्वांगीण विकास और उन्हें स्वावलंबी बनाने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा। योजना के प्रथम चरण के तहत लगभग चार एकड़ के विशाल भूखंड पर सर्वसुविधायुक्त और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर से लैस भवन का निर्माण किया जाएगा। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, अगले दो वर्षों की समय सीमा के भीतर निर्माण कार्य पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। संस्थान की क्षमता इस प्रकार विकसित की जा रही है कि एक ही समय में लगभग 500 महिला अभ्यर्थी उन्नत तकनीकी और व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त कर सकेंगी।

صन औद्योगिक जरूरतों के अनुरूप मिलेंगे 19 व्यावसायिक और तकनीकी पाठ्यक्रम

संस्थान के सुचारू रूप से क्रियाशील होने के बाद छात्राओं को 19 विभिन्न प्रकार के ट्रेडों में उच्चस्तरीय व्यावसायिक और तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। इन सभी प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों को वर्तमान दौर के उद्योगों और बाजार की व्यावहारिक मांगों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इससे न केवल प्रशिक्षित महिलाओं को नामी कंपनियों में सम्मानजनक नौकरियां हासिल करने में सुगमता होगी, बल्कि वे अपने खुद के स्टार्टअप और स्वरोजगार स्थापित करने के लिए भी पूरी तरह से सक्षम हो सकेंगी।

एक ही छत के नीचे संचालित होंगी केंद्र व राज्य की योजनाएं, पलायन पर लगेगी रोक

इस बहुउद्देशीय संस्थान के स्थापित होने से केंद्र और बिहार सरकार द्वारा संचालित विभिन्‍न कौशल विकास और रोजगारोन्मुख योजनाओं को एक ही मंच पर एकीकृत किया जा सकेगा। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि अब बिहार की बेटियों को उन्नत और आधुनिक प्रशिक्षण पाने के लिए अन्य राज्यों की ओर पलायन नहीं करना पड़ेगा। उन्हें अपने ही प्रदेश में अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं प्राप्त होंगी, और संस्थान प्रशिक्षण पूर्ण होने के उपरांत रोजगार के अवसर मुहैया कराने में भी मुख्य भूमिका निभाएगा।

परिस्थितियों के चलते बदला गया कार्यक्रम का स्वरूप, क्षेत्र में खुशी की लहर

पूर्व में इस शिलान्यास कार्यक्रम को बिहटा के सिकंदरपुर स्थित परिसर में प्रत्यक्ष रूप से आयोजित करने की योजना थी, परंतु पटना में अचानक उत्पन्न हुई कुछ प्रशासनिक और स्थानीय परिस्थितियों के कारण कार्यक्रम को वर्चुअल मोड में परिवर्तित कर दिया गया। इस दौरान केंद्र व राज्य के शीर्ष अधिकारियों तथा स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने ऑनलाइन सहभागिता की। स्थानीय निवासियों और जनप्रतिनिधियों का मानना है कि इस संस्थान के बनने से पटना सहित आसपास के तमाम जिलों की हजारों महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव आएगा और पूरे क्षेत्र का आर्थिक-सामाजिक विकास तेजी से होगा।