पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई, हिस्ट्रीशीटरों पर शिकंजा और 221 तस्कर सलाखों के पीछे

जयपुर:राजस्थान पुलिस ने प्रदेश भर में अपराध और असामाजिक तत्वों पर पूर्ण विराम लगाने के उद्देश्य से एक महीने का व्यापक विशेष अभियान शुरू किया है। इस अभियान के शुरुआती दो दिनों के भीतर ही पुलिस टीमों ने मुस्तैदी दिखाते हुए 1,259 आदतन और हिस्ट्रीशीटर अपराधियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई को अंजाम दिया है। गत 20 जुलाई से प्रारंभ हुआ यह राज्यव्यापी अभियान आगामी 20 अगस्त तक निरंतर संचालित किया जाएगा। इसका मुख्य लक्ष्य मादक पदार्थों की तस्करी, साइबर ठगी, अवैध हथियारों की खरीद-फरोख्त और यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कठोरता से नकेल कसना है।

नशे के कारोबार के खिलाफ बड़ा प्रहार, सैकड़ों तस्कर गिरफ्तार और नशीले पदार्थ जब्त

राज्यव्यापी कार्रवाई के दौरान पुलिस प्रशासन ने अवैध मादक पदार्थों की तस्करी में लिप्त गिरोहों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया है। पुलिस टीमों ने एनडीपीएस (NDPS) कानून के अंतर्गत 220 से अधिक आपराधिक प्रकरण पंजीकृत किए हैं, जिनमें त्वरित कार्रवाई करते हुए 221 नशा तस्करों को सलाखों के पीछे भेज दिया गया है। इस दौरान विभिन्न जिलों से भारी मात्रा में अवैध नशीली सामग्री और प्रतिबंधित दवाएं भी बरामद की गई हैं, जिससे प्रदेश में सक्रिय ड्रग माफिया के नेटवर्क को गहरा झटका लगा है।

ऑनलाइन ठगी और साइबर अपराधियों पर कसता शिकंजा, कई आरोपी पुलिस हिरासत में

बढ़ते डिजिटल अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए राजस्थान पुलिस ने साइबर अपराधियों के खिलाफ भी सख्त रुख अपनाया हुआ है। अभियान के शुरुआती चरण में साइबर क्राइम से संबंधित 52 नए मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें कार्रवाई करते हुए 111 आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता मिली है। पुलिस अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि आम जनता को ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी से बचाने और साइबर स्पेस को सुरक्षित बनाने के लिए यह विशेष धरपकड़ अभियान पूरे महीने इसी आक्रामकता के साथ जारी रहेगा।

एक महीने तक चलने वाली मुस्तैदी से अपराधियों में खौफ और सुरक्षा का माहौल

पुलिस मुख्यालय से प्राप्त विवरण के अनुसार यह विशेष मुस्तैदी 20 अगस्त तक लगातार जारी रखी जाएगी। इस दौरान पहले से चिह्नित किए गए हिस्ट्रीशीटरों, वांछित इनामी बदमाशों और संगठित गिरोहों के सदस्यों पर कड़े निरोधात्मक कदम उठाए जा रहे हैं। पुलिस की अलग-अलग टीमें लगातार दबिश दे रही हैं ताकि अपराधियों की गतिविधियों पर प्रभावी ढंग से रोक लगाई जा सके और असामाजिक तत्वों के मनोबल को पूरी तरह से तोड़ा जा सके।

अपराध के प्रति 'जीरो टॉलरेंस' नीति पर अडिग, आमजन में विश्वास कायम करने का संकल्प

पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा ने पुलिस की इस कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि संगठित अपराध, मादक पदार्थ तस्करी, साइबर फ्रॉड और महिलाओं के विरुद्ध होने वाले अपराधों पर रोक लगाने के लिए पुलिस बल पूरी निष्ठा से प्रयासरत है। राज्य सरकार की 'जीरो टॉलरेंस' नीति के तहत संचालित इस अभियान से जहां एक ओर अपराधियों में कानून का भय व्याप्त होगा, वहीं दूसरी ओर आम नागरिकों में सुरक्षा और विश्वास की भावना और अधिक मजबूत होगी।