मेरठ। उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के हस्तिनापुर क्षेत्र में सामने आए चर्चित अतुल हत्याकांड में पुलिस की तफ्तीश जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, परत-दर-परत बेहद चौंकाने वाले और सनसनीखेज खुलासे सामने आ रहे हैं। इस सनसनीखेज घटना के छह दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस अभी तक जहरीले कॉमन करैत सांप और नशीली दवाइयों की तस्करी करने वाले मुख्य गिरोह तक पूरी तरह पहुंच चुकी है, लेकिन सुरक्षा कारणों व साक्ष्यों के संकलन के चलते अभी इसका आधिकारिक खुलासा नहीं किया गया है। हालांकि, पुलिस की जांच बेहद तीव्र गति से चल रही है। इस मामले में मुख्य हत्यारोपी पत्नी दामिनी और उसके प्रेमी तुषार समेत कुल चार आरोपियों को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।
सृजित की गई थी प्राकृतिक मौत की कहानी, वन्यजीव तस्करी का एंगल आया सामने
अतुल हत्याकांड की शुरुआती जांच में जहां यह पूरा मामला आपसी कलह या सामान्य हत्या जैसा प्रतीत हो रहा था, वहीं अब इसमें प्रतिबंधित वन्यजीवों की तस्करी और गहरी सुनियोजित साजिश का एक बड़ा व खतरनाक एंगल सामने आया है। पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, जांच के छठे दिन पुलिस अतुल की इस मर्डर मिस्ट्री में कथित तौर पर इस्तेमाल किए गए जहरीले कॉमन करैत सांप और नशीली प्रतिबंधित दवाइयों की आपूर्ति करने वाले शातिर तस्करों के बेहद करीब पहुंच चुकी है, हालांकि इसका औपचारिक पर्दाफाश अभी बाकी है।
पुलिस इस मामले में अब तक कई अहम कड़ियां और साक्ष्य जोड़ने में पूरी तरह सफल रही है, लेकिन अभी भी कई बड़े राज पर्दाफाश होने शेष हैं। हत्यारोपियों ने इस पूरी वारदात को अंजाम देने के लिए बेहद शातिर और फिल्मी तरीका अपनाया था। शुरुआती पड़ताल में यह बात सामने आई थी कि मृतक अतुल को पहले किसी भारी मात्रा में नशीले पदार्थ या नींद की गोलियों का ओवरडोज दिया गया था, और उसके बाद बेहद सुनियोजित तरीके से उसे जहरीले सांप से कटवाया गया, ताकि इस नृशंस हत्या को एक साधारण प्राकृतिक हादसा या सर्पदंश (सांप के काटने से मौत) का रूप दिया जा सके।
इस बड़े खुलासे के बाद स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीमें तो पूरी तरह सक्रिय हो गई हैं, लेकिन वन्यजीव संरक्षण विभाग की भूमिका अभी सुस्त नजर आ रही है। पुलिस उन तमाम सपेरों और अवैध तस्करों की कुंडली खंगालने में जुटी है जो प्रतिबंधित और बेहद खतरनाक प्रजाति के जहरीले सांपों की अवैध खरीद-फरोख्त के काले कारोबार में लिप्त हैं। इसके अलावा, उन संदिग्ध मेडिकल स्टोर्स और दवा सप्लायरों की भी शिनाख्त की जा रही है, जिनके जरिए इस हत्या में उपयोग की गई प्रतिबंधित नशीली दवाइयां और इंजेक्शन खरीदे गए थे। दूसरी ओर, मृतक अतुल के परिजनों का गंभीर आरोप है कि इस खौफनाक वारदात में केवल दो-चार लोग नहीं, बल्कि एक से अधिक लोग शामिल हैं, जिन्होंने गहरी साजिश रचकर अतुल को हमेशा के लिए रास्ते से हटा दिया।
सीओ मवाना का बयान: सर्विलांस और कॉल डिटेल के आधार पर हो रहे खुलासे
इस संबंध में सीओ मवाना पंकज लवानिया ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस की सर्विलांस टीम, तकनीकी सेल, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और मजबूत मुखबिर तंत्र की मदद से लगातार पुख्ता सबूत जुटाए जा रहे हैं। सांप और नशीली दवाओं के इन तस्करों की विधिवत गिरफ्तारी के बाद इस पूरे हत्याकांड का से पर्दाफाश कर दिया जाएगा।
पूरा घटनाक्रम: बीमे के 20 लाख रुपये और प्रेम प्रसंग के लिए रची गई थी खौफनाक साजिश
मेरठ जिले के हस्तिनापुर थाना इलाके के जे ब्लॉक कॉलोनी में रहने वाली पत्नी दामिनी ने अपने प्रेमी व बस चालक तुषार के साथ मिलकर स्कूल संचालक अपने ही पति अतुल कुमार पंवार (32) की निर्मम हत्या कर दी थी। आरोपियों ने पहले अतुल को दूध में भारी मात्रा में नींद की गोलियां मिलाकर पिलाईं और फिर जब वह गहरी नींद में थे, तब सांप से डसवाकर उनकी जान ले ली। इस मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी दामिनी, उसके प्रेमी तुषार तथा दो अन्य सहयोगियों सोनू और उदय कुमार को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस की गहन पूछताछ में यह बात सामने आई कि इस हत्याकांड को अंजाम देने के लिए तुषार ने अपने दोस्तों की मदद ली थी। दोनों आरोपी मूल रूप से हस्तिनापुर के ही रहने वाले हैं। मृतक अतुल कुमार मूल रूप से बहसूमा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गांव भंडोरा के रहने वाले थे, जबकि उनकी पत्नी दामिनी भड़ाना जे ब्लॉक कॉलोनी की ही निवासी थी। दोनों ने वर्ष 2019 में अपनी मर्जी से प्रेम विवाह किया था। घटना से पिछले चार महीनों से यह दंपती अपने छह साल के मासूम बेटे मानिक के साथ जे ब्लॉक कॉलोनी में ही एक किराए के मकान में जीवन व्यतीत कर रहा था।
घटना से तीन महीने पहले ही दोनों ने मिलकर स्थानीय कस्बे में 'कृष्णा किड्स प्ले स्कूल' की शुरुआत की थी। शुक्रवार की सुबह जब अतुल अपने कमरे में मृत अवस्था में मिले, तो उनकी पत्नी दामिनी ने आसपास के लोगों और पुलिस को यह भ्रमित करने वाली जानकारी दी कि सोते वक्त अतुल को जहरीले सांप ने डस लिया है। मौके पर अतुल के बिस्तर पर एक सांप भी बरामद हुआ, जिसे वहां मौजूद कुछ लोगों ने पीट-पीटकर मार डाला था।
शरीर पर थे डसने के निशान, पिता ने जताया था बहू पर हत्या का शक
घटना के वक्त मृतक अतुल के हाथ और पैर पर सांप के डसने के स्पष्ट निशान भी मौजूद थे, जिससे शुरुआत में पूरा मामला एक सामान्य सर्पदंश दुर्घटना जैसा ही प्रतीत हो रहा था। सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक देहात अभिजीत कुमार ने तत्काल मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया था। इस दौरान मृतक के पिता अजब सिंह ने पुलिस के सामने कड़ा आरोप लगाया कि उनकी अपनी बहू दामिनी ने ही सोची-समझी साजिश के तहत उनके बेटे की हत्या की है।
बिस्तर पर ही छोड़ दिया गया था सांप, रची गई थी हादसे की झूठी कहानी
एसएसपी अविनाश पांडेय ने पूरे मामले का खुलासा करते हुए बताया कि जब परिजनों के गंभीर आरोपों पर पुलिस ने तकनीकीि जांच की, तो यह तथ्य सामने आया कि अतुल द्वारा संचालित किए जा रहे स्कूल में पिछले तीन महीने से कोहला, मवाना का रहने वाला तुषार बस चालक के रूप में नौकरी करता था। इसी दौरान अतुल की पत्नी दामिनी का बस चालक तुषार के साथ प्रेम प्रसंग शुरू हो गया था।
इसी अवैध रिश्ते के आड़े आने पर अतुल को रास्ते से हटाने के लिए दोनों ने मिलकर उनकी हत्या का खौफनाक षड्यंत्र रचा। दोनों की मुख्य मंशा अतुल के नाम पर बने जीवन बीमा (Insurance) के 20 लाख रुपये हड़पने की भी थी, जिसमें से पांच लाख रुपये इस साजिश में शामिल दोस्तों को दिए जाने तय हुए थे।
तयशुदा साजिश के तहत सबसे पहले तुषार ने बाजार से भारी मात्रा में नींद की गोलियां खरीदीं और उन्हें लाकर दामिनी को सौंप दिया। इसके बाद दामिनी ने वे गोलियां खाने और दूध में मिलाकर अपने पति अतुल को खिला दीं। रात के करीब दो बजे जब अतुल पूरी तरह से गहरी नींद में सो रहे थे, तब तुषार ने अपने साथी उदय को वहां बुलाया और सुनियोजित तरीके से सांप से अतुल के हाथ-पैर पर डसवा दिया।
वारदात को अंजाम देने के बाद उस जहरीले सांप को जानबूझकर वहीं बिस्तर पर ही छोड़ दिया गया, ताकि देखने वालों को यह पूरी घटना एक प्राकृतिक सर्पदंश जैसी लगे। इसके बाद तुषार और उदय चुपचाप रात के अंधेरे में वहां से फरार हो गए। अगली सुबह होने पर दामिनी ने इसे एक सामान्य हादसा बताते हुए रोने-चिल्लाने का पूरा नाटक रचा, लेकिन पुलिस की सतर्क जांच ने इन दरिंदों के पूरे काले कारनामे को बेनकाब कर दिया।

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