सीकर। अजमेर में एक धार्मिक कार्यक्रम के दौरान बाबा श्याम के संदर्भ में की गई विवादित टिप्पणी से देशभर के श्रद्धालुओं में उपजे भारी विरोध के बाद आखिरकार कथावाचक किरीट भाई ने कदम पीछे खींच लिए हैं। वे सीधे प्रसिद्ध धार्मिक स्थल खाटूश्यामजी पहुंचे, जहां उन्होंने बाबा श्याम के पावन दरबार में माथा टेककर अपनी विवादित टिप्पणी के लिए निष्कपट भाव से क्षमा याचना की। इस संवेदनशील मामले को देखते हुए खाटू धाम में सुरक्षा के बेहद कड़े इंतजाम किए गए थे, वहीं कथावाचक ने पूरी यात्रा के दौरान मीडियाकर्मियों से दूरी बनाए रखी।
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने से भड़का था जनआक्रोश
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, अजमेर में आयोजित एक कथा के दौरान किरीट भाई द्वारा दिए गए वक्तव्य का वीडियो इंटरनेट पर तेजी से प्रसारित हो गया था। इस क्लिप में बाबा श्याम को लेकर कथित रूप से अमर्यादित टिप्पणी किए जाने का आरोप लगा, जिसके बाद देश के कोने-कोने से श्याम भक्तों, धार्मिक ट्रस्टों और सामाजिक संगठनों ने तीखा विरोध दर्ज कराया था। श्रद्धालुओं ने सोशल मीडिया के माध्यम से कथावाचक से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की पुरजोर मांग उठाई थी।
भारी पुलिस घेरे के बीच खाटू धाम में हाजिरी लगाने पहुंचे कथावाचक
विवाद के तूल पकड़ने और भक्तों की नाराजगी को देखते हुए किरीट भाई कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच खाटूश्यामजी मंदिर परिसर पहुंचे। उन्होंने मंदिर के गर्भगृह में विधिवत पूजा-अर्चना की और बाबा श्याम के श्रीचरणों में नतमस्तक होकर अपनी गलती के लिए क्षमा मांगी। हालांकि, दर्शन करने के बाद वे मीडिया के किसी भी सवाल का जवाब दिए बिना और कोई आधिकारिक बयान जारी किए बिना चुपचाप वहां से रवाना हो गए।
पूर्व अध्यक्ष बोले – 'कथावाचक ने स्वीकार की अपनी भूल'
श्री श्याम मंदिर कमेटी के पूर्व अध्यक्ष मोहनदास चौहान ने इस घटनाक्रम पर बात करते हुए बताया कि कथावाचक ने बाबा श्याम के सामने नतमस्तक होकर अपनी भूल को स्वीकार किया है और क्षमा मांगी है। चौहान के अनुसार, किरीट भाई ने यह संकल्प भी व्यक्त किया कि वे भविष्य में बाबा की कृपा से ही अपने लेखन व धार्मिक प्रवचनों का कार्य जारी रखेंगे और केवल बाबा श्याम की महिमा का प्रचार-प्रसार करेंगे। उन्होंने इस घटनाक्रम को सनातन आस्था और भक्तों की श्रद्धा की जीत करार दिया।
परिसर में मुस्तैद रही पुलिस, घटनाक्रम पर बनी रही श्रद्धालुओं की नजर
कथावाचक के आगमन के दौरान मंदिर प्रांगण में हजारों की संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे, हालांकि प्रशासनिक मुस्तैदी के कारण दर्शन व्यवस्था पूरी तरह सुचारू बनी रही। वहां मौजूद श्याम भक्त इस पूरे वाक्य पर लगातार अपनी निगाहें टिकाए हुए थे। माना जा रहा है कि बाबा के दरबार में क्षमा याचना करने के बाद यह विवाद अब शांत पड़ सकता है, फिर भी इंटरनेट पर इस विषय को लेकर चर्चाओं का बाजार अब भी गर्म है।

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