भोपाल: मध्य प्रदेश विधानसभा में तीखी बहस और भारी हंगामे के बीच समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक को हरी झंडी मिल गई है। इसके साथ ही उत्तराखंड, गुजरात और असम के बाद मध्य प्रदेश यूसीसी लागू करने की दिशा में कदम बढ़ाने वाला देश का चौथा राज्य बन जाएगा।
लिव-इन रिलेशनशिप का पंजीकरण अनिवार्य
विधेयक के तहत विवाह और लिव-इन रिलेशनशिप से जुड़े कई अहम प्रावधान प्रस्तावित किए गए हैं। कानून के अस्तित्व में आते ही राज्य में लिव-इन रिलेशनशिप में रहने वाले जोड़ों के लिए अपना पंजीकरण (रजिस्ट्रेशन) कराना पूरी तरह से अनिवार्य हो जाएगा।
कुरीतियों पर रोक और कड़े दंड का प्रावधान
यूसीसी लागू होने के बाद राज्य में सामाजिक सुधारों से जुड़े कई बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे। नए नियमों के अनुसार, तलाक के पश्चात उसी जीवनसाथी से पुनः विवाह करने के लिए 'हलाला' जैसी अपमानजनक या प्रताड़ित करने वाली शर्तों को थोपना, बढ़ावा देना अथवा मजबूर करना संज्ञेय और दंडनीय अपराध माना जाएगा।

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