ऑटो में सफर करने वालों के लिए चिंता की खबर, फरीदाबाद में हजारों वाहन बिना पहचान के

फरीदाबाद। औद्योगिक नगरी फरीदाबाद में यात्रियों की सुरक्षा को लेकर एक बड़ा प्रशासनिक ढील का मामला सामने आया है। यातायात पुलिस द्वारा ऑटो चालकों और उनके वाहनों की सटीक पहचान के लिए शुरू की गई 'यूनिक नंबर प्लेट' व्यवस्था की धज्जियां उड़ रही हैं। शहर में वर्तमान में 10 हजार से अधिक ऑटो बिना इस विशेष पहचान नंबर के सरेआम सड़कों पर दौड़ रहे हैं। सुरक्षा के लिहाज से ऐसे अनधिकृत और बिना पहचान वाले वाहनों में यात्रा करना आम सवारियों के लिए बेहद जोखिम भरा साबित हो सकता है।

यात्रियों की सुरक्षा के लिए लागू की गई थी विशेष योजना

शहर में ऑटो चालकों की गतिविधियों पर नजर रखने और महिला व अन्य यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से करीब पांच साल पहले यह योजना शुरू की गई थी। इसके तहत हर ऑटो रिक्शा पर एक यूनिक नंबर कोड आवंटित कर उसे प्रमुखता से लिखना अनिवार्य किया गया था। इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य किसी भी अप्रिय घटना या अपराध की स्थिति में वाहन और उसके चालक की पहचान तुरंत और आसानी से करना था।

10 हजार से अधिक ऑटो बिना पहचान के भर रहे रफ्तार

समय बीतने के साथ-साथ इस महत्वपूर्ण योजना का क्रियान्वयन ठंडा पड़ता दिखाई दे रहा है। आंकड़ों के अनुसार, वर्तमान में शहर के विभिन्न रूटों पर 10 हजार से ज्यादा ऐसे ऑटो बेधड़क चल रहे हैं, जिन पर यह यूनिक नंबर प्लेट मौजूद ही नहीं है। बिना किसी विशेष पहचान के सड़कों पर दौड़ रहे ये वाहन किसी भी समय किसी बड़ी सुरक्षा चूक या आपराधिक घटना का कारण बन सकते हैं।

यातायात पुलिस की कार्यप्रणाली पर खड़े हो रहे सवाल

सड़कों पर इतनी बड़ी संख्या में बिना यूनिक नंबर वाले ऑटो चालकों के घूमने से यातायात पुलिस की व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का मानना है कि पुलिस प्रशासन द्वारा नियमित जांच और सख्ती न किए जाने के कारण ही चालकों में नियमों का खौफ खत्म हो गया है। इस लापरवाही से यात्रियों, विशेषकर रात में सफर करने वाले लोगों की सुरक्षा पर सीधा खतरा मंडरा रहा है।

कड़ा अभियान चलाकर कार्रवाई करने की उठी मांग

शहर के नागरिकों और बुद्धिजीवियों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि इस मामले को गंभीरता से लिया जाए। बिना यूनिक पहचान नंबर के चल रहे सभी ऑटो चालकों के खिलाफ एक विशेष चेकिंग अभियान चलाकर सख्त से सख्त चालानी और जब्ती की कार्रवाई की जानी चाहिए। जनता का कहना है कि जब तक नियम न मानने वाले चालकों पर शिकंजा नहीं कसा जाएगा, तब तक सवारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना नामुमकिन रहेगा।