ग्वालियर। मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के पहले ही दिन राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई। जौरा विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस विधायक श्री पंकज उपाध्याय ने कैलारस शक्कर कारखाने से जुड़े प्रश्नों के बार-बार निरस्त किए जाने के विरोध में मोर्चा खोल दिया। उन्होंने विधानसभा परिसर में स्थित राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष बैठकर अपना विरोध जताया और धरना दिया।
कैलारस शक्कर कारखाने के मुद्दे पर 5 बार निरस्त हुए प्रश्न
विधायक पंकज उपाध्याय ने मीडिया को संबोधित करते हुए बताया कि वे क्षेत्र के लाखों किसानों और आम जनता से जुड़े कैलारस शक्कर कारखाने के मुद्दे को सदन में उठाने का लगातार प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने इसके लिए अब तक कुल पांच बार प्रश्न लगाए हैं। इनमें दिसंबर 2025 सत्र, मार्च-अप्रैल 2026 सत्र, 17 फरवरी 2026 के प्रश्न क्रमांक-210 और हाल ही में 20 जुलाई 2026 के प्रश्न क्रमांक-260 शामिल हैं। विधायक का आरोप है कि हर बार उनके इन प्रश्नों को बिना कोई स्पष्ट कारण बताए निरस्त कर दिया गया।
विधानसभा अध्यक्ष और सचिवालय की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल
धरने के दौरान विधायक उपाध्याय ने कहा कि बार-बार प्रश्न खारिज होने के बाद उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष और सचिवालय से इसका आधार जानना चाहा, लेकिन उन्हें कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। उन्होंने विधानसभा के प्रमुख सचिव से भी मिलकर कारण स्पष्ट करने की मांग की, परंतु वहां से भी कोई स्पष्ट उत्तर नहीं दिया गया। उन्होंने इसे जनप्रतिनिधियों के अधिकारों की अनदेखी करार दिया और कहा कि जब तक उन्हें निरस्तीकरण का उचित कारण और पारदर्शी जवाब नहीं मिल जाता, तब तक उनका यह विरोध जारी रहेगा।
संवैधानिक एवं विशेषाधिकारों के हनन का लगाया आरोप
श्री उपाध्याय ने स्पष्ट कहा कि एक निर्वाचित जनप्रतिनिधि होने के नाते जनता की आवाज और क्षेत्रीय समस्याओं को विधानसभा के पटल पर रखना उनका संवैधानिक अधिकार है। यदि जनहित से जुड़े गंभीर विषयों को बिना किसी ठोस कारण के खारिज कर दिया जाता है, तो यह न केवल संवैधानिक अधिकारों का हनन है, बल्कि विधायकों को मिलने वाले विशेषाधिकारों का भी उल्लंघन है। उन्होंने लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनप्रतिनिधियों की आवाज को दबाने की इस कोशिश को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताया।
कांग्रेस विधायक दल का मिला समर्थन, आंदोलन की दी चेतावनी
विधायक पंकज उपाध्याय के धरने पर बैठते ही कांग्रेस विधायक दल के कई वरिष्ठ नेता और विधायक उनके समर्थन में महात्मा गांधी की प्रतिमा के पास पहुंचे। इस दौरान पूर्व मंत्री श्री जयवर्धन सिंह ने कहा कि कैलारस शक्कर कारखाना क्षेत्र के लाखों किसानों और मजदूरों के जीवन से जुड़ा बेहद महत्वपूर्ण विषय है। उन्होंने अपनी बात रखते हुए कहा कि यदि विधायकों को जनहित के मुद्दे उठाने की अनुमति नहीं मिलेगी तो यह लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जनप्रतिनिधियों के अधिकारों का इस प्रकार हनन होता रहा, तो कांग्रेस विधायक दल इस मुद्दे पर और भी कड़ा और उग्र रुख अपनाने के लिए बाध्य होगा।

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