अहमदाबाद: गुजरात के अहमदाबाद शहर स्थित रामोल क्षेत्र में संचालित एक अवैध पटाखा निर्माण इकाई में हुए भीषण विस्फोट के उपरांत मृतकों का आंकड़ा बढ़कर 10 तक पहुँच गया है। हादसे में अत्यधिक झुलसे एक अन्य पीड़ित ने सोमवार तड़के शहर के सिविल अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। प्राप्त जानकारी के अनुसार मृतक की पहचान गोविंद डामोर के रूप में हुई है, जो मूलतः दाहोद जिले का निवासी था। इस भयावह हादसे में गंभीर रूप से घायल कई अन्य श्रमिकों की भांति वह भी रोजगार की तलाश में दाहोद से अहमदाबाद आया हुआ था और कारखाने में काम कर रहा था।
सिविल अस्पताल में इलाज के दौरान तड़के हुई मौत
चिकित्सकीय सूत्रों के अनुसार गोविंद डामोर का शरीर धमाके के बाद भड़की भीषण आग की चपेट में आने से 95 प्रतिशत से अधिक जल चुका था। डॉक्टरों की टीम द्वारा किए गए निरंतर प्रयासों के बावजूद उसकी हालत में कोई सुधार नहीं हो सका और सोमवार तड़के लगभग 2:15 बजे उसने अंतिम सांस ली। इस दुखद समाचार के सामने आते ही मृतक के परिजनों और गृह जिले में मातम का माहौल छा गया है।
अस्पताल प्रशासन और वरिष्ठ चिकित्सकों का बयान
अहमदाबाद सिविल अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राकेश जोशी ने हादसे के संदर्भ में विस्तृत विवरण साझा करते हुए बताया कि रामोल पटाखा कारखाने में हुए विस्फोट के तुरंत बाद कुल पांच गंभीर मरीजों को आपातकालीन वार्ड में भर्ती कराया गया था। भर्ती कराए गए घायलों में एक महिला तथा चार पुरुष शामिल थे, जिनकी स्थिति अत्यंत नाजुक बनी हुई थी।
गंभीर रूप से झुलसे घायलों की वर्तमान स्थिति
चिकित्सा अधीक्षक ने आगे जानकारी दी कि भर्ती मरीजों में से दो लोग सबसे अधिक प्रभावित हुए थे। इनमें से मृत घोषित किए गए पुरुष मरीज का शरीर 95 प्रतिशत से अधिक झुलस चुका था, जबकि भर्ती कराई गई महिला मरीज का शरीर भी 75 प्रतिशत से अधिक जल गया है। अस्पताल के विशेषज्ञ डॉक्टरों की विशेष टीम द्वारा अन्य सभी घायलों को सर्वोत्तम चिकित्सा देखभाल प्रदान की जा रही है और उनकी स्थिति पर निरंतर नजर रखी जा रही है।
अवैध कारखाने और सुरक्षा मानकों पर उठे सवाल
रामोल इलाके में बिना आवश्यक प्रशासनिक अनुमतियों और सुरक्षा मानकों को ताक पर रखकर चलाई जा रही इस अवैध पटाखा फैक्ट्री में हुए हादसे ने स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं। पुलिस और संबंधित जांच एजेंसियों ने घटनास्थल को सील कर दिया है तथा मामले की वैज्ञानिक जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि अवैध रूप से विस्फोटक सामग्री का भंडारण करने और कारखाने का संचालन करने वाले दोषियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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