बिहार BPSC 72वीं प्रीलिम्स परीक्षा पर बड़ा अपडेट, 26 जुलाई की परीक्षा स्थगित

पटना: बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) ने प्रशासनिक मोर्चे पर एक बड़ा निर्णय लेते हुए आगामी 72वीं संयुक्त (प्रारंभिक) प्रतियोगिता परीक्षा को फिलहाल स्थगित कर दिया है। आयोग द्वारा शनिवार को आधिकारिक तौर पर जारी की गई एक आवश्यक सूचना के माध्यम से इस स्थगन की पुष्टि की गई है। पूर्व में निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, प्रांतीय सिविल सेवा की इस अत्यंत महत्वपूर्ण परीक्षा का आयोजन 26 जुलाई 2026 (रविवार) को राज्य के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर किया जाना सुनिश्चित हुआ था, लेकिन अब इस प्रशासनिक फैसले के बाद परीक्षा के आयोजन पर अस्थाई रूप से रोक लग गई है।

अपरिहार्य कारणों के चलते परीक्षा को आगे टालने का निर्णय

आयोग के वरिष्ठ अधिकारियों की ओर से साझा की गई जानकारी के मुताबिक, कुछ अत्यंत महत्वपूर्ण और अपरिहार्य प्रशासनिक कारणों के चलते इस प्रतिष्ठित परीक्षा को अपने तय समय पर करा पाना संभव नहीं हो पा रहा था। इन अपरिहार्य परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए ही आयोग ने जनहित और परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के उद्देश्य से इसे फिलहाल टालने का विचार किया है। इस स्थगन आदेश के सामने आने के बाद लंबे समय से दिन-रात एक करके परीक्षा की तैयारियों में जुटे बिहार और अन्य राज्यों के हजारों अभ्यर्थियों को अब नई समय-सारणी के लिए और अधिक इंतजार करना होगा।

आयोग द्वारा जारी की गई विस्तृत आधिकारिक अधिसूचना

बिहार लोक सेवा आयोग ने अभ्यर्थियों के बीच किसी भी प्रकार के भ्रम या अफवाहों को रोकने के लिए अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर एक विस्तृत अधिसूचना जारी की है। इस अधिसूचना में आयोग ने बिल्कुल स्पष्ट शब्दों में कहा है कि आगामी 26 जुलाई को होने वाली प्रारंभिक परीक्षा अब निर्धारित समय और तिथि पर बिल्कुल नहीं होगी। आयोग ने इसके साथ ही परीक्षार्थियों को आश्वस्त किया है कि इस स्थगन से घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है और परीक्षा के सफल संचालन के लिए आंतरिक स्तर पर सभी जरूरी इंतजामों को नए सिरे से पुख्ता किया जा रहा है।

आगामी नई परीक्षा तिथि की घोषणा बाद में होने की संभावना

परीक्षा की नई तारीखों को लेकर आयोग ने अभी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं की है, लेकिन अधिसूचना में यह साफ तौर पर अंकित किया गया है कि परीक्षा आयोजन की नई तिथि की घोषणा आने वाले समय में एक अलग से विशेष प्रेस नोट जारी करके की जाएगी। परीक्षा नियामक विभाग का कहना है कि जैसे ही प्रशासनिक बाधाएं दूर होंगी और केंद्रों की उपलब्धता सुनिश्चित हो जाएगी, वैसे ही नई तारीखों को सार्वजनिक कर दिया जाएगा। तब तक के लिए अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे किसी भी अनाधिकृत स्रोत की खबरों पर विश्वास न करें और आयोग के आधिकारिक पोर्टल को ही देखते रहें।

लाखों अभ्यर्थियों की भविष्य की रणनीति और तैयारियों पर पड़ेगा असर

इस परीक्षा के अचानक स्थगित होने का सीधा और व्यापक असर उन लाखों मेधावी छात्रों पर पड़ेगा जो पिछले कई महीनों से अपने घरों से दूर रहकर कोचिंग संस्थानों और पुस्तकालयों में परीक्षा पास करने की रणनीति बना रहे थे। कई विशेषज्ञों का मानना है कि परीक्षा के टलने से जहां कुछ छात्रों को अपनी कमजोरियों को सुधारने और पाठ्यक्रम को दोहराने के लिए अतिरिक्त समय मिल जाएगा, वहीं दूसरी ओर लंबे समय से मानसिक दबाव झेल रहे अभ्यर्थियों में थोड़ी निराशा भी देखी जा रही है। बहरहाल, सभी छात्र अब इसी उम्मीद में हैं कि आयोग जल्द से जल्द नई तारीखों का ऐलान कर परीक्षा प्रक्रिया को पारदर्शिता के साथ संपन्न कराएगा।