गाजियाबाद: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज गाजियाबाद के ऐतिहासिक दुधेश्वर नाथ मंदिर पहुंचकर विशेष पूजा-अर्चना की। मंदिर पहुंचने पर उन्होंने विधिवत जलाभिषेक किया। इस अवसर पर मंदिर के महंत नारायण गिरी ने उन्हें पारंपरिक पटका पहनाकर और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने वहां स्थित वेद विद्यापीठ के छात्रों के साथ संवाद कर उनकी शिक्षा के बारे में जानकारी ली और दुधेश्वर नाथ कॉरिडोर के निर्माण कार्यों व आगामी कांवड़ यात्रा के लिए की गई तैयारियों का बारीकी से जायजा लिया। मुख्यमंत्री का यह दौरा मंदिर के वेद विद्यापीठ के रजत जयंती समारोह के उपलक्ष्य में हुआ है।
गाजियाबाद है विकास और सुशासन का प्रमुख केंद्र: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को मुरादनगर के रावली रोड स्थित कुशल पाल सिंह त्यागी तेज पाल त्यागी डिग्री कॉलेज में आयोजित पूर्व कैबिनेट मंत्री राजपाल त्यागी की पुण्यतिथि कार्यक्रम को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने गाजियाबाद को एनसीआर और दिल्ली के विकास का 'ग्रोथ इंजन' करार दिया। उन्होंने कहा कि कानून का राज और बेहतर सुरक्षा व्यवस्था ही विकास की असली नींव है। जहां सुरक्षा होती है, वहां सुशासन आता है, और सुशासन से ही समृद्धि व रोजगार के अवसर पैदा होते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में पिछले 12 वर्षों में देश ने सुशासन का एक नया मॉडल देखा है। अपराधियों के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' की नीति ने प्रदेश में कानून का शासन स्थापित किया है। इसी का परिणाम है कि आज गाजियाबाद एनसीआर का प्रमुख केंद्र बनकर उभरा है।
868 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का तोहफा
मुख्यमंत्री ने गाजियाबाद के विकास के लिए 868 करोड़ रुपये की 90 महत्वपूर्ण परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया। इस दौरान उन्होंने 'एक जिला, एक उत्पाद' (ODOP) योजना में उत्कृष्ट कार्य करने वाले उद्यमियों को सम्मानित भी किया। पूर्व कैबिनेट मंत्री स्व. राजपाल त्यागी की प्रतिमा का अनावरण करते हुए उन्होंने कहा कि छह बार का विधायक चुना जाना, जिसमें दो बार निर्दलीय जीत शामिल है, यह सिद्ध करता है कि वे जनता के बीच कितने लोकप्रिय और जनसेवा के प्रति समर्पित थे।
बहन के घर जाकर ली परिवार की कुशलक्षेम
शुक्रवार को मुख्यमंत्री ने राजनगर एक्सटेंशन स्थित एमजीआई घरौंदा सोसायटी पहुंचकर अपनी बहन पुष्पा चौधरी से मुलाकात की। उनके आगमन को देखते हुए सोसायटी परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। लगभग 45 मिनट तक रुककर उन्होंने अपनी बहन से परिवार का हाल-चाल जाना। मुख्यमंत्री के काफिले की सुरक्षा के चलते राजनगर एक्सटेंशन की ओर जाने वाली मुख्य सड़क पर यातायात को कुछ समय के लिए नियंत्रित करना पड़ा, जिससे वहां जाम जैसी स्थिति भी देखने को मिली। मुख्यमंत्री के जाने के बाद स्थानीय लोगों में उनसे मिलने की उत्सुकता साफ देखी गई।

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