क्षतिग्रस्त सड़कों की समय पर हो मरम्मत, मौसमी बीमारियों की प्रभावी रोकथाम के लिए उठाएं ठोस कदम: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मानसून के मद्देनजर प्रशासनिक तैयारियों को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक ली। बैठक में उन्होंने स्पष्ट किया कि बारिश के मौसम में जनसुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी सूरत में आम नागरिकों को कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने प्रशासनिक अमले को हर संभावित परिस्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह मुस्तैद रहने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि मानसून से जुड़े सभी जरूरी इंतजामों में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही, उन्होंने बारिश का दौर थमने के बाद क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत के लिए अभी से एक ठोस कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि पूरे प्रदेश में नालों की शत-प्रतिशत सफाई सुनिश्चित की जाए। जल निकासी का तंत्र दुरुस्त रहना चाहिए ताकि सड़कों पर जलभराव न हो और पानी के ओवरफ्लो के कारण सड़कें न टूटें।

सरकारी भवनों की सुरक्षा और मौसमी बीमारियों पर नियंत्रण के निर्देश

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी शासकीय भवनों की छतों पर बने निकासी पाइप और नालों की सफाई कराई जाए, ताकि छतों पर पानी जमा न हो और भवनों को नुकसान न पहुंचे। इसके साथ ही उन्होंने जलभराव के कारण पनपने वाली मौसमी बीमारियों को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि बीमारियों की रोकथाम के लिए समय रहते पुख्ता तैयारियां की जाएं। इसके लिए सभी अस्पतालों में आवश्यक दवाइयों की उपलब्धता और आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को चौबीस घंटे अलर्ट मोड पर रखा जाए।

लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई और आपदा प्रबंधन रहेगा अलर्ट

मुख्यमंत्री ने कड़े शब्दों में चेतावनी दी कि जनहित और राहत कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही या कोताही को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि किसी क्षेत्र में लापरवाही पाई जाती है, तो सीधे तौर पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की जवाबदेही तय कर उनके खिलाफ कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आपदा राहत दलों को पूरी तरह सजग रहने और जिला स्तर पर बने नियंत्रण कक्षों (कंट्रोल रूम) को सुचारू रूप से संचालित करने के आदेश दिए।

जल संचयन और बांधों के पानी का अधिकतम उपयोग

बैठक में मुख्यमंत्री ने आपदा एवं बाढ़ प्रबंधन, राज्य के बांधों में पानी की आवक और क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे की मरम्मत को लेकर भी विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पानी की हर एक बूंद कीमती है, इसलिए पेयजल से जुड़े सभी बांधों की सूची तैयार की जाए। इसके साथ ही, ओवरफ्लो होने वाले पानी को व्यर्थ बहने से रोकने और उसके अधिकतम संचयन व उपयोग के लिए एक दीर्घकालिक कार्ययोजना पर काम किया जाए।

इस उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास सहित विभिन्न संबंधित विभागों के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।