सीमा सुरक्षा पर बड़ा फैसला, BSF को 1024 एकड़ जमीन मिलने के बाद क्या बोले शुभेंदु?

कोलकाता: देश की बाहरी सीमाओं को अभेद्य बनाने और आंतरिक सुरक्षा को चाक-चौबंद करने की दिशा में पश्चिम बंगाल की नवनिर्वाचित सरकार ने एक बेहद ऐतिहासिक और बड़ा फैसला लिया है। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने मंगलवार को एक महत्वपूर्ण उच्च स्तरीय बैठक के बाद घोषणा की कि राष्ट्र की संप्रभुता, सीमाओं की सुरक्षा और अवैध घुसपैठ पर पूरी तरह लगाम लगाना उनकी सरकार की सबसे बड़ी प्रशासनिक प्राथमिकताओं में शामिल है।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि भारत-बांग्लादेश सीमा को पूरी तरह सुरक्षित और सील करने की राष्ट्रीय प्रतिबद्धता के तहत राज्य सरकार ने सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) को बाड़ लगाने (कंटीले तारों की फेंसिंग) के लिए आवश्यक भूमि के हस्तांतरण की प्रक्रिया को रिकॉर्ड समय में तेज कर दिया है। सरकार की इस त्वरित कार्रवाई से अब सीमा पर सुरक्षा ढांचा बेहद मजबूत होने जा रहा है।

172 किलोमीटर से अधिक सीमा क्षेत्र में जमीन का ट्रांसफर पूरा; वर्षों से अटकी फाइलों को मिली हरी झंडी

कोलकाता: इस विशाल परियोजना को धरातल पर उतारने के लिए राज्य के भूमि और राजस्व विभाग ने बीएसएफ के साथ मिलकर चौबीसों घंटे काम किया है:

  • ऐतिहासिक हस्तांतरण: मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने आधिकारिक आंकड़े साझा करते हुए बताया कि अब तक कुल 172.6 किलोमीटर लंबी सीमा रेखा के दायरे में आने वाली 1,024.75 एकड़ जमीन का स्वामित्व आधिकारिक तौर पर और सभी कानूनी बाधाओं को दूर करते हुए सीमा सुरक्षा बल (BSF) को सौंप दिया गया है।

  • सुरक्षा घेरा होगा मजबूत: इस जमीन के मिलने के बाद सीमा सुरक्षा बल अब उन संवेदनशील गलियारों और नदीय क्षेत्रों में भी पक्की बाड़ और आधुनिक निगरानी उपकरण स्थापित कर सकेगा, जहां से पहले असामाजिक तत्वों और तस्करों की गतिविधियां संचालित होती थीं।

जिलावार आंकड़े: जानिए किस सीमावर्ती जिले में कितनी जमीन और सीमा क्षेत्र को किया गया सुरक्षित

कोलकाता: अंतरराष्ट्रीय सीमा की संवेदनशीलता को देखते हुए राज्य सरकार ने उन सभी जिलों में भूमि अधिग्रहण और हस्तांतरण की प्रक्रिया को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है, जिनकी सीमाएं पड़ोसी देश बांग्लादेश से सीधे तौर पर स्पर्श करती हैं। सरकार द्वारा जारी आधिकारिक जिलावार सूची इस प्रकार है:

जिला सुरक्षित की गई सीमा की कुल लंबाई सीमा सुरक्षा बल (BSF) को हस्तांतरित कुल जमीन
मुर्शिदाबाद 45.4 किलोमीटर 337 एकड़
उत्तर 24 परगना 42.07 किलोमीटर 241.03 एकड़
कूचबिहार 39.39 किलोमीटर 135.33 एकड़
मालदा 20.15 किलोमीटर 176.78 एकड़
नदिया 14.79 किलोमीटर 95.11 एकड़
दक्षिण दिनाजपुर 7.75 किलोमीटर 26.41 एकड़
दार्जिलिंग 1.45 किलोमीटर 4.31 एकड़
उत्तर दिनाजपुर 1.28 किलोमीटर 6.61 एकड़
जलपाईगुड़ी 0.31 किलोमीटर 2.17 एकड़
कुल योग 172.6 किलोमीटर 1,024.75 एकड़

सुरक्षित बंगाल और मजबूत राष्ट्र का संकल्प; तुष्टिकरण और घुसपैठ के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति

कोलकाता: इस सुरक्षा परियोजना के क्रियान्वयन को लेकर मुख्यमंत्री ने राज्य की जनता को आश्वस्त किया और अपनी सरकार के दृढ़ इरादों को सबके सामने रखा:

  • नागरिकों की सुरक्षा सर्वोपरि: मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार केवल कागजी दावों पर नहीं, बल्कि धरातल पर काम करने में विश्वास रखती है। सीमा सुरक्षा को राजनीतिक चश्मे से हटकर विशुद्ध रूप से राष्ट्रीय सुरक्षा के चश्मे से देखा जाना चाहिए।

  • पूरा किया जाएगा संकल्प: राज्य के सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले नागरिकों को एक भयमुक्त, सुरक्षित और मजबूत माहौल प्रदान करने के लिए सरकार इन परियोजनाओं को समय सीमा के भीतर पूरा करने के अपने संकल्प पर पूरी तरह अडिग है।

  • कड़े कदम उठाने की तैयारी: भूमि हस्तांतरण का यह बड़ा कदम न केवल सीमा पार से होने वाली मानव तस्करी, मवेशी तस्करी और जाली नोटों के कारोबार को रोकेगा, बल्कि देश की अखंडता को चुनौती देने वाली ताकतों के खिलाफ एक कड़ा संदेश भी साबित होगा। प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि शेष बची हुई सीमाओं पर भी भूमि अधिग्रहण के मामलों को बिना किसी देरी के जल्द से जल्द निपटाया जाए।