दतिया चुनावी रण में कांग्रेस का हमला, पीसी शर्मा बोले- हर मोर्चे पर विफल सरकार

भोपाल। मध्य प्रदेश में वक्फ बोर्ड विवाद और मानसूनी आफत के बीच अब बुंदेलखंड अंचल की दतिया विधानसभा सीट को लेकर सियासी हलचल चरम पर पहुंच गई है। राजधानी भोपाल में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दतिया उपचुनाव, मूंग खरीदी की अव्यवस्था और राम मंदिर चंदे से जुड़े कथित विवाद को लेकर सूबे की भाजपा सरकार पर चौतरफा हमला बोला है। पीसी शर्मा ने सरकार पर तीखा तंज कसते हुए आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी जनता से जुड़े बुनियादी सवालों का जवाब देने के बजाय जनविरोधी फैसले थोप रही है।

दतिया उपचुनाव: थोपा हुआ चुनाव और उम्मीदवारी की रेस

पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने दतिया विधानसभा सीट पर होने जा रहे उपचुनाव को लेकर सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि एक सुनियोजित साजिश के तहत कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती की विधानसभा सदस्यता को आनन-फानन में समाप्त किया गया है, जबकि उनका कानूनी मामला अभी भी अदालत के विचाराधीन है। उन्होंने इस चुनाव को दतिया की जनता पर जबरन थोपा हुआ करार दिया।

शर्मा ने दावा किया कि कांग्रेस नेताओं ने हाल ही में दतिया का दौरा कर स्थानीय कार्यकर्ताओं और आम जनता की नब्ज टटोली है, जिसमें भाजपा के प्रति भारी आक्रोश देखने को मिला है। आगामी रणनीति पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस जल्द ही अपने जिताऊ प्रत्याशी का ऐलान करेगी। सियासी गलियारों में चल रही चर्चाओं के अनुसार, कांग्रेस इस बार राजेंद्र भारती की पत्नी शोभा भारती को मैदान में उतार सकती है, जबकि अवधेश नायक और घनश्याम सिंह के नाम भी दावेदारों की अग्रिम पंक्ति में शामिल हैं। वहीं दूसरी तरफ, भाजपा की ओर से पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा का नाम एक बार फिर रेस में सबसे आगे चल रहा है।

मूंग खरीदी: किसानों को हतोत्साहित करने की नीति

किसानों के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए पीसी शर्मा ने मूंग खरीदी की धीमी रफ्तार और अव्यवस्थाओं पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि मूंग की फसल को अधिक पानी और कड़े प्रबंधन की आवश्यकता होती है, लेकिन मध्य प्रदेश सरकार अपनी प्रशासनिक नाकामियों और बुनियादी व्यवस्थाओं की कमी को छिपाने के लिए अन्नदाताओं को लगातार परेशान कर रही है। उन्होंने बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार की नीतियां ऐसी हैं जिससे किसान मूंग की खेती करने से ही तौबा कर लें। पीसी शर्मा ने मांग की है कि विधानसभा चुनाव के समय किसानों से जो वादे किए गए थे, उसके अनुसार घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर तत्काल पूरी फसल खरीदी जाए और किसानों का बकाया भुगतान बिना किसी देरी के सुनिश्चित हो।

राम मंदिर चंदा विवाद: जांच और सजा की मांग

प्रेस वार्ता के दौरान पीसी शर्मा ने राम मंदिर चंदे से जुड़े कथित वित्तीय विवाद को लेकर भी भाजपा पर तीखे प्रहार किए। उन्होंने आरोप लगाया कि धर्म के नाम पर चंदा इकट्ठा करने वाली पार्टी के राज में इस धन का दुरुपयोग कई राज्यों में केवल राजनैतिक गतिविधियों और चुनावी प्रबंधन के लिए किया गया है। कांग्रेस नेता ने कहा कि आस्था के नाम पर हुए इस कथित घोटाले में केवल जिम्मेदार लोगों का इस्तीफा ले लेना काफी नहीं है, बल्कि इस पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि आस्था से खिलवाड़ करने वाले असल दोषियों को कानून के शिकंजे में लाकर कड़ी से कड़ी सजा दी जानी चाहिए क्योंकि देश और प्रदेश की जनता अब धर्म की आड़ में होने वाली राजनीति को समझ चुकी है और वह वास्तविक मुद्दों पर जवाब चाहती है।