योगिनी एकादशी पर करें तुलसी के महाउपाय, खुल जाएंगे सुख-समृद्धि के द्वार

हिंदू धर्म में एकादशी तिथि को भगवान विष्णु की आराधना के लिए अत्यंत शुभ और फलदायी माना जाता है. सालभर में आने वाली 24 एकादशियों में आषाढ़ मास की योगिनी एकादशी का विशेष महत्व बताया गया है. मान्यताओं के अनुसार, इस दिन विधि-विधान से भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करने से घर में सुख, समृद्धि और धन-वैभव का वास होता है. उज्जैन के ज्योतिषाचार्य आनंद भारद्वाज के अनुसार, इस दिन तुलसी से जुड़े कुछ विशेष उपाय करने पर लक्ष्मी-नारायण की कृपा प्राप्त होती है और जीवन में खुशहाली बनी रहती है.

वैदिक पंचांग के अनुसार, इस साल आषाढ़ कृष्ण एकादशी तिथि की शुरुआत 09 जुलाई को शाम 07 बजकर 46 मिनट के लगभग पर होगी और तिथि का समापन 10 जुलाई को शाम 4 बजकर 52 मिनट के लगभग पर होगा. उदयातिथि के आधार पर योगिनी एकादशी का व्रत 10 जुलाई दिन शुक्रवार को रखा जाएगा.
योगिनी एकादशी का महत्व
शास्त्रों में योगिनी एकादशी का विशेष महत्व है. इस दिन श्री हरि के साथ मां लक्ष्मी की पूजा करने का विशेष महत्व है. इसे सबसे प्रसिद्ध एकादशी में से एक माना जाता है. इस दिन पूजा करने के साथ व्रत रखने से 88000 ब्राह्मणों को भोजन कराने के बराबर पुण्य की प्राप्ति होती है. इसके साथ ही आपकी हर इच्छा पूरी हो जाती है. हर संकट से मुक्ति मिलने के साथ दरिद्रता और पापों से मुक्ति मिल जाती है. जीवन में खुशियों की दस्तक होती है.

जरूर करें तुलसी से जुड़े उपाय
1. यदि कड़ी मेहनत के बावजूद सफलता नहीं मिल रही और धन टिक नहीं रहा है, तो एकादशी पर स्नान के बाद भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की विधिवत पूजा करें. गाय के कच्चे दूध में तुलसी मंजरी मिलाकर भगवान विष्णु का अभिषेक करने से आर्थिक स्थिति मजबूत होने की मान्यता है.

2. मां लक्ष्मी की कृपा पाने के लिए लोग कई उपाय करते हैं लेकिन एकादशी के दिन तुलसी को श्रृंगार सामग्री अर्पित करने से मां लक्ष्मी अत्यंत प्रसन्न होती हैं. मान्यता है कि इससे घर में सुख, समृद्धि और सौभाग्य का वास होता है.
3. यदि लंबे समय से नौकरी मिलने में बाधाएं आ रही हैं, तो एकादशी के शुभ अवसर पर तुलसी माता के सामने 11, 21 या 51 दीपक जलाकर श्रद्धापूर्वक तुलसी चालीसा का पाठ करें. मान्यता है कि इस उपाय से करियर की रुकावटें दूर होती हैं और सफलता के नए अवसर प्राप्त होते हैं.