प्रयागराज: संगम नगरी प्रयागराज के गंगापार इलाके से एक बेहद सनसनीखेज और दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। हंडिया कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम बनपुरवा (सरायपीथा) में शुक्रवार की सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब एक 35 वर्षीय युवक का शव संदिग्ध परिस्थितियों में घर के भीतर फंदे से लटका हुआ पाया गया। मृतक की पहचान सुशील कुमार के रूप में हुई है। सुशील का शव घर के उस हिस्से में मिला जहां सालभर का भूसा इकट्ठा करके रखा जाता था। भूसे वाले कमरे में संदिग्ध दशा में लटके इस शव ने अपने पीछे कई ऐसे गहरे रहस्य छोड़ दिए हैं, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। घटना की जानकारी मिलते ही पूरे गांव में कोहराम मच गया और देखते ही देखते सैकड़ों ग्रामीणों की भीड़ मौके पर जमा हो गई।
22 दिनों के भीतर उजड़ गया हंसता-खेलता परिवार, परिजनों का फूटा गुस्सा
इस पूरे घटनाक्रम का सबसे दर्दनाक और हैरान करने वाला पहलू यह है कि मृतक सुशील कुमार के परिवार पर दुखों का यह कोई पहला पहाड़ नहीं टूटा है।
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छोटे भाई की भी हुई थी मौत: आज से ठीक 22 दिन पहले सुशील कुमार के छोटे भाई ने भी कथित तौर पर संदिग्ध परिस्थितियों में फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली थी।
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परिजनों को गहरी साजिश का शक: अभी परिवार छोटे बेटे की मौत के सदमे और दाह-संस्कार के गम से पूरी तरह उबर भी नहीं पाया था कि घर के बड़े कमाऊ बेटे सुशील की इस तरह संदिग्ध मौत ने परिजनों के सब्र का बांध तोड़ दिया। एक ही घर में इतनी कम अवधि के भीतर दो सगे भाइयों की रहस्यमयी मौत को ग्रामीण और परिजन सामान्य सुसाइड मानने को कतई तैयार नहीं हैं।
जमीन विवाद में हत्या का आरोप, ग्रामीणों ने शव को फंदे से उतारने से रोका
सुशील कुमार का शव मिलने के तुरंत बाद आक्रोशित परिजनों ने इसे आत्महत्या मानने से साफ इनकार कर दिया और मौके पर भारी हंगामा शुरू कर दिया।
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विपक्षियों पर संगीन आरोप: मृतक के माता-पिता और बिलखती पत्नी का सीधा आरोप है कि गांव के ही कुछ दबंगों के साथ उनका लंबे समय से कीमती पैतृक जमीन को लेकर गंभीर विवाद चल रहा था। परिजनों का दावा है कि उन्हीं विपक्षियों ने जमीन हड़पने की नीयत से सुशील की गला घोंटकर हत्या की है और मामले को आत्महत्या का रूप देने के लिए शव को जबरन भूसे वाले कमरे में ले जाकर फंदे से लटका दिया।
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अधिकारियों को घेरा: आक्रोशित ग्रामीणों और परिजनों ने पुलिस को शव को फंदे से नीचे उतारने और पंचनामा भरने से रोक दिया। वे आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और मौके पर वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को बुलाने की मांग पर अड़ गए, जिससे घटनास्थल पर स्थिति काफी तनावपूर्ण हो गई।
कई थानों की पुलिस फोर्स तैनात, फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स खंगाल रहे सबूत
मामले की संवेदनशीलता और ग्रामीणों के भारी आक्रोश को देखते हुए हंडिया कोतवाली के साथ-साथ आसपास के कई अन्य थानों की पुलिस फोर्स और पीएसी (PAC) के जवानों को तुरंत बनपुरवा गांव में तैनात कर दिया गया है।
प्रशासनिक अधिकारियों ने संभाला मोर्चा: तनाव बढ़ता देख प्रयागराज के आला पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भारी लाव-लश्कर के साथ खुद घटनास्थल पर पहुंचे। अधिकारियों ने रोते-बिलखते परिजनों को ढांढस बंधाया और निष्पक्ष जांच का भरोसा देकर करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आक्रोशित ग्रामीणों को शांत कराया। इसके बाद ही पुलिस शव को फंदे से नीचे उतारने में सफल हो सकी।
पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर जिला मुख्यालय से फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स और डॉग स्क्वायड की विशेष विंग को भी मौके पर बुला लिया गया है। फॉरेंसिक टीम ने भूसे वाले उस कमरे से उंगलियों के निशान (फिंगरप्रिंट्स), फंदे की रस्सी के टुकड़े और पैरों के निशान सहित कई महत्वपूर्ण वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्र किए हैं, जो इस अंधे कत्ल या सुसाइड की गुत्थी को सुलझाने में बेहद मददगार साबित होंगे।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से साफ होगा सच, पुलिस कप्तान बोले- बख्शे नहीं जाएंगे दोषी
इस पूरे रहस्यमयी मामले पर जानकारी देते हुए स्थानीय पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मृतक सुशील कुमार के शव का पंचनामा भरकर उसे कड़े पुलिस पहरे के बीच पोस्टमार्टम के लिए प्रयागराज मर्चुरी भेज दिया गया है। पुलिस कप्तानों का साफ कहना है कि मौत के वास्तविक कारणों (गला घुटने से मौत हुई या फंदे पर लटकने से पहले ही जान जा चुकी थी) का सटीक खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा।
परिजनों द्वारा दिए गए शिकायती पत्र के आधार पर संदिग्ध आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और पुलिस की दो विशेष टीमें जमीन विवाद से जुड़े संदिग्ध लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही हैं। अधिकारियों ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया है कि यदि यह हत्या का मामला साबित होता है, तो साजिशकर्ताओं और दोषियों के खिलाफ ऐसी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी जो मिसाल बनेगी। फिलहाल गांव में एहतियातन पुलिस बल तैनात है और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में बताई जा रही है।

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