बलरामपुर-रामानुजगंज: छत्तीसगढ़ के बलरामपुर-रामानुजगंज जिले से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली खबर सामने आई है, जहां गुरुवार दोपहर को असमय आई आफत ने एक हंसते-खेलते परिवार को तबाह कर दिया। राजपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम पतरापारा में खेत में कृषि कार्य के दौरान आकाशीय बिजली (वज्रपात) की चपेट में आने से मां और उसकी मासूम बेटी की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। इस हृदयविदारक घटना के बाद से पूरे इलाके में सन्नाटा पसरा हुआ है और मृतका के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।मिली जानकारी के अनुसार, ग्राम पतरापारा निवासी प्रमोद कुमार टेकाम (22 वर्ष) ने राजपुर थाने में इस अनहोनी की लिखित सूचना दी। उन्होंने बताया कि उनकी परिजन मानती टेकाम (33 वर्ष) और उनकी 14 वर्षीय बेटी विमला टेकाम रोजाना की तरह गुरुवार को अपने खेत में कृषि कार्य और निंदाई-रोपाई के सिलसिले में गई हुई थीं।
पेड़ के नीचे शरण लेना बना काल
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अचानक बदला मौसम का मिजाज: दोपहर करीब 2:10 बजे के आसपास अचानक आसमान में घने काले बादल छा गए और कड़कड़ाहट के साथ मूसलाधार बारिश शुरू हो गई।
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पेड़ के नीचे छिपी थीं मां-बेटी: तेज बारिश और हवाओं से खुद को बचाने के लिए मां मानती टेकाम और बेटी विमला टेकाम भागकर खेत के ही पास स्थित एक ऊंचे सेमर के पेड़ के नीचे जाकर खड़ी हो गईं।
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मौके पर ही तोड़ा दम: इसी बीच एक भीषण गर्जना के साथ सेमर के पेड़ पर सीधे आकाशीय बिजली आ गिरी। बिजली का झटका इतना जोरदार था कि उसकी चपेट में आने से मां-बेटी दोनों बुरी तरह झुलस गईं और तड़प-तड़प कर मौके पर ही उनकी सांसें थम गईं।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल, गांव में पसरा मातम
जब आसपास के खेतों में काम कर रहे अन्य ग्रामीणों ने पेड़ के पास जाकर देखा, तो दोनों बेसुध पड़ी हुई थीं। घटना की खबर मिलते ही मृतका के पति और अन्य परिवार वाले बदहवास हालत में खेत की ओर दौड़े। एक साथ घर की दो अर्थियां उठने की खबर से पतरापारा गांव के हर शख्स की आंखें नम हैं।सूचना मिलते ही राजपुर थाना पुलिस की टीम तत्काल मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना करने के बाद दोनों शवों को अपने कब्जे में लिया और पंचनामा तैयार कर पोस्टमार्टम के लिए स्थानीय शासकीय अस्पताल भिजवाया।
प्रशासन से मुआवजे की मांग
राजपुर थाना प्रभारी ने बताया कि पुलिस ने इस मामले में मर्ग कायम कर लिया है और वैधानिक जांच शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद शवों को अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया जाएगा। वहीं, ग्रामीणों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि पीड़ित आदिवासी परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए उन्हें राजस्व पुस्तक परिपत्र (RBC 6-4) के प्रावधानों के तहत जल्द से जल्द 4-4 लाख रुपये की तात्कालिक सहायता राशि और मुआवजा प्रदान किया जाए, क्योंकि इस वज्रपात ने पीड़ित परिवार की रीढ़ ही तोड़ दी है।क्या आप इस समाचार में मौसम विभाग द्वारा छत्तीसगढ़ के अन्य जिलों के लिए जारी किए गए अलर्ट या प्रशासन की किसी तात्कालिक सहायता घोषणा का विवरण भी शामिल करना चाहते हैं?

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