बिलासपुर| बिलासपुर के प्रतिष्ठित साइंस कॉलेज मैदान में फन वर्ल्ड और मीना बाजार के आयोजन को लेकर एक नया और बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। यहां अभ्यास करने वाले खिलाड़ियों और कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने इस व्यावसायिक गतिविधि पर सख्त आपत्ति जताई है। विरोध इस कदर बढ़ गया है कि छात्रों ने मीना बाजार का सामान लेकर पहुंचे 10 से अधिक ट्रकों को खेल मैदान के बाहर ही रोक दिया।
इस संवेदनशील मामले में कॉलेज के क्रीड़ा अधिकारी ने भी छात्रों का समर्थन करते हुए प्राचार्य को लिखित आपत्ति भेजी है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि 1 जुलाई से नया शैक्षणिक सत्र प्रारंभ हो चुका है, जिसके कारण मैदान पर खिलाड़ियों की नियमित खेल गतिविधियां और प्रशिक्षण शुरू होने वाले हैं। ऐसी स्थिति में इस खेल परिसर को व्यावसायिक मेले के लिए देना न्यायसंगत नहीं है। प्राचार्य ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इस पर उचित कदम उठाने का आश्वासन दिया है।
खेल को छोड़ बाकी सभी आयोजनों का केंद्र बना मैदान
विडंबना यह है कि साइंस कॉलेज के इस विशाल मैदान का उपयोग खेल गतिविधियों के बजाय मीना बाजार, स्वदेशी मेला और रावण दहन जैसे गैर-खेल सांस्कृतिक व व्यावसायिक कार्यक्रमों के लिए लगातार किया जा रहा है, जो पहले भी कई बार विवादों का कारण बन चुका है।
आगामी दिनों में इस मैदान पर कई महत्वपूर्ण खेल प्रतियोगिताएं प्रस्तावित हैं, लेकिन इसके बावजूद कॉलेज प्रबंधन ने इसे मीना बाजार के संचालकों को पूरे 40 दिनों (लगभग डेढ़ महीने) के लिए लीज पर आवंटित कर दिया है। इसी फैसले के खिलाफ कॉलेज के विद्यार्थियों ने मोर्चा खोल दिया है। छात्रों ने प्राचार्य को एक औपचारिक शिकायत पत्र सौंपकर मैदान आवंटन के इस आदेश को तत्काल प्रभाव से निरस्त करने और छात्र हित में फैसला लेने की मांग की है।
माननीय उच्च न्यायालय तक पहुंच चुका है यह विवाद
साइंस कॉलेज ग्राउंड में मीना बाजार लगाने की यह जंग अब कानून के दरवाजे तक पहुंच चुकी है। दरअसल, मेला संचालक ने अप्रैल 2026 में मैदान आवंटन को लेकर देश की उच्च न्यायालय (हाई कोर्ट) में एक याचिका दायर की थी। इस पर सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने जिले के कलेक्टर को एक सप्ताह के भीतर इस पूरे विषय का न्यायसंगत निराकरण करने का आदेश दिया था।
न्यायालय के निर्देशों का पालन करते हुए जिला कलेक्टर ने मीना बाजार के आयोजन के लिए साइंस कॉलेज के मुख्य खेल मैदान के बजाय उसके बाजू में स्थित वैकल्पिक ग्राउंड को चिन्हित कर आवंटित किया था। इसके बावजूद, मेला आयोजक नियमों को ताक पर रखकर अपने साजो-सामान से लदे ट्रकों को मुख्य खेल मैदान के भीतर ले जाने की जिद पर अड़े हैं। वर्तमान में 10 से 15 ट्रकें मैदान के मुख्य गेट पर खड़ी हैं, और छात्र मुस्तैदी से इस सामान को अंदर नहीं जाने देने के लिए डटे हुए हैं। अब देखना होगा कि प्रशासन इस गतिरोध को सुलझाने के लिए क्या कदम उठाता है।

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