भिवाड़ी: नगर परिषद भिवाड़ी के प्रशासनिक भवन के भीतर कचरा प्रबंधन और उसकी परिवहन व्यवस्था को लेकर एक बेहद गंभीर और हिंसक विवाद का मामला प्रकाश में आया है। नगर परिषद के मुख्य स्वास्थ्य निरीक्षक (सीएचआई) दिनेश मीणा पर ड्यूटी के दौरान कार्यालय परिसर के अंदर ही जानलेवा हमला किया गया है। आरोप है कि परिषद में ही चलने वाले एक ऑटो टिपर (कचरा गाड़ी) के चालक और उसके साथियों ने मिलकर मीणा के साथ बेरहमी से मारपीट की। एक जिम्मेदार सरकारी अधिकारी के साथ दफ्तर के अंदर हुई इस गुंडागर्दी के बाद नगर परिषद के तमाम अधिकारी और कर्मचारी गहरे आक्रोश में हैं और उन्होंने काम ठप करने की चेतावनी दी है।
लापरवाही पर आपत्ति जताकर जब बंद किया गेट, तब भड़की हिंसा
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह पूरा फसाद तब शुरू हुआ जब मुख्य स्वास्थ्य निरीक्षक दिनेश मीणा ने शहर से कचरा उठाने और उसे डंप करने वाले ऑटो टिपरों के संचालन में चल रही भारी अनियमितताओं को पकड़ा। उन्होंने इस लापरवाही पर कड़ी आपत्ति जताई और नियमों के उल्लंघन को रोकने के लिए नगर परिषद के मुख्य प्रवेश द्वार (गेट) पर ताला लगवाकर वाहनों को जांच के लिए रोकने का प्रयास किया। अपने वाहन को रुकता देख ऑटो टिपर का ड्राइवर कुलदीप और उसके साथ आए कुछ असामाजिक तत्व बुरी तरह भड़क गए और गाली-गलौज पर उतर आए।
सरकारी दफ्तर में सुरक्षा तार-तार, ठेकेदारों और ड्राइवरों की मनमानी का आरोप
विवाद इस कदर बढ़ा कि हमलावरों ने कानून-व्यवस्था को ताक पर रखकर सरकारी दफ्तर के भीतर ही मुख्य स्वास्थ्य निरीक्षक को घेर लिया। उनके साथ पहले तीखी धक्का-मुक्की की गई और फिर सरेआम उनके साथ मारपीट की वारदात को अंजाम दिया गया। इस घटना ने सरकारी कार्यालयों की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है। नगर परिषद के कर्मचारियों का साफ तौर पर कहना है कि यहाँ कुछ रसूखदार ठेकेदारों और उनके बेखौफ वाहन चालकों की मनमानी चरम पर है। जब भी कोई अधिकारी ईमानदारी से नियमों का पालन करवाने की कोशिश करता है, तो उस पर जानबूझकर दबाव बनाने और डराने-धमकाने का खेल खेला जाता है।
सरकारी काम में बाधा डालने की FIR दर्ज, पुलिस जांच पर टिकी नजरें
घटना के तुरंत बाद पीड़ित अधिकारी और नगर परिषद के कर्मचारी संघ ने स्थानीय पुलिस को मामले की लिखित सूचना दी। पुलिस ने राजकार्य में बाधा डालने, मारपीट करने और अभद्रता करने की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर तफ्तीश शुरू कर दी है। कर्मचारी संगठनों ने दोटूक शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि आरोपी ड्राइवर कुलदीप और उसके सहयोगियों को तत्काल गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे नहीं भेजा गया, तो वे पूरे शहर की सफाई व्यवस्था को अनिश्चितकाल के लिए ठप कर उग्र आंदोलन की राह पकड़ेंगे। फिलहाल पूरे मामले पर स्थानीय पुलिस की सख्त कार्रवाई का इंतजार है।

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