बांग्लादेश की नजर चीनी लड़ाकू विमानों पर, पीएम रहमान की यात्रा में लग सकती है मुहर

ढाका: बांग्लादेश अपनी वायुसेना को और अधिक शक्तिशाली बनाने के लिए चीन से 24 आधुनिक जे-10सीई (J-10CE) मल्टी-रोल फाइटर जेट खरीदने की बड़ी तैयारी कर रहा है। दोनों देशों के बीच इस रक्षा सौदे को लेकर बातचीत अंतिम दौर में पहुंच चुकी है। इस सैन्य समझौते को लेकर इसी हफ्ते चीन के दौरे पर जा रहे बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान की यात्रा के दौरान बड़ी प्रगति होने की उम्मीद है, जहां 26 जून को वह चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात करेंगे। रक्षा जानकारों का मानना है कि पूर्वी मोर्चे पर हो रही यह रणनीतिक हलचल भारत के लिए चिंता की बात हो सकती है, क्योंकि पाकिस्तानी वायुसेना भी पहले से ही इसी चीनी लड़ाकू विमान का इस्तेमाल कर रही है।

अगस्त तक फाइनल हो सकती है करीब 9000 करोड़ की डील

ढाका और बीजिंग के बीच की यह बड़ी रक्षा डील दोनों देशों के मजबूत होते रणनीतिक रिश्तों को दर्शाती है। बांग्लादेश सरकार को उम्मीद है कि आगामी अगस्त महीने तक इस विमान सौदे को पूरी तरह फाइनल कर लिया जाएगा। बांग्लादेश के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर पुष्टि की है कि दोनों देश अगस्त तक इस खरीद समझौते पर दस्तखत कर सकते हैं। यह पूरा सौदा आर्थिक रूप से बेहद बड़ा है, जिसकी अनुमानित लागत लगभग 960 मिलियन डॉलर (करीब 9000 करोड़ भारतीय रुपये से अधिक) है। इसके तहत एक लड़ाकू विमान की कीमत लगभग 40 मिलियन डॉलर आएगी। इस बातचीत को आगे बढ़ाने के लिए हाल ही में चीन का एक उच्चस्तरीय दल ढाका भी आया था।

प्रधानमंत्री की चीन यात्रा के दौरान होंगे कई बड़े समझौते

प्रधानमंत्री तारिक रहमान की यह बीजिंग यात्रा सिर्फ रक्षा क्षेत्र ही नहीं, बल्कि कई अन्य मायनों में भी बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। बांग्लादेश के विदेश सचिव के मुताबिक, इस दौरे के दौरान दोनों देशों के बीच कुल 17 महत्वपूर्ण दस्तावेजों पर हस्ताक्षर हो सकते हैं, जिनमें 15 समझौता ज्ञापन (एमओयू), 2 समझौते और भविष्य की एक कार्ययोजना शामिल है। व्यापार और विकास के मामले में चीन इस समय बांग्लादेश का एक बेहद करीबी और बड़ा साझेदार बन चुका है। चीनी प्रधानमंत्री ली कियांग के विशेष निमंत्रण पर हो रही इस यात्रा के दौरान बहुप्रतीक्षित तीस्ता नदी परियोजना और चीन की अन्य वैश्विक योजनाओं पर भी विस्तार से चर्चा की जाएगी।