नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश नीति को लेकर कांग्रेस के भीतर चल रहा अंदरूनी मतभेद अब खुलकर जनता के सामने आ गया है। कांग्रेस के वरिष्ठ सांसद शशि थरूर और पार्टी के मुख्य प्रवक्ता पवन खेड़ा के बीच इस मुद्दे पर तीखी जुबानी तकरार देखने को मिल रही है। पवन खेड़ा द्वारा किए गए एक तीखे कटाक्ष के बाद शशि थरूर ने सोशल मीडिया पर अपनी स्थिति साफ की। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्होंने अपनी तरफ से ऐसी कोई बात नहीं कही जो प्रधानमंत्री ने न कही हो, बल्कि वे केवल समाचारों में छपी रिपोर्टों और सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारियों का ही हवाला दे रहे थे।
शशि थरूर का तथ्यों के साथ पलटवार
शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर जवाब देते हुए शशि थरूर ने कहा कि जो लोग यह मान रहे हैं कि उन्होंने प्रधानमंत्री के मुंह से ऐसे शब्द सुन लिए जो कभी कहे ही नहीं गए, उन्हें जमीनी हकीकत समझनी चाहिए। उन्होंने कहा कि वे केवल उन रिपोर्टों का उल्लेख कर रहे थे जो मीडिया में बड़े स्तर पर प्रकाशित हुई थीं। अपनी बात को सही साबित करने के लिए थरूर ने एक समाचार वीडियो और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर आधारित एक रिपोर्ट भी साझा की। उन्होंने दृढ़ता से कहा कि वे हमेशा पूरी रिसर्च और पुख्ता तथ्यों के आधार पर ही अपनी बात जनता के सामने रखते हैं और उनके पूरे राजनीतिक जीवन में आज तक उन पर गलत जानकारी देने या तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश करने का कोई आरोप नहीं लगा है।
विवाद की मुख्य वजह और पवन खेड़ा का कटाक्ष
दरअसल, इस पूरे विवाद की शुरुआत तब हुई जब शशि थरूर ने दावा किया था कि हाल ही में हुए जी-7 (G7) शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने वैश्विक समुद्री रास्तों की सुरक्षा और नाविकों की हिफाजत का मुद्दा प्रमुखता से उठाया था। थरूर के अनुसार, यह बयान उस घटना के बाद आया था जिसमें ओमान की खाड़ी के पास एक कथित अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के दौरान तीन भारतीय नाविकों की जान चली गई थी। इस बयान पर आपत्ति जताते हुए कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने नई दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान थरूर पर निशाना साधा था। उन्होंने मजाकिया और तंजिया लहजे में कहा था कि प्रधानमंत्री के प्रति थरूर की तारीफ अब इस दुनिया की सीमाओं से परे जा चुकी है, और अब तो वे वह सब भी सुन लेते हैं जो प्रधानमंत्री ने असल में कभी कहा ही नहीं।
कांग्रेस के इन दो दिग्गज नेताओं के बीच सार्वजनिक रूप से हुई यह बयानबाजी ऐसे समय में आई है जब पार्टी के अंदर कई रणनीतियों को लेकर पहले से ही खींचतान की खबरें आ रही हैं। थरूर के इस करारे जवाब के बाद अब यह मामला सियासी गलियारों में चर्चा का बड़ा विषय बन गया है।

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