जयपुर। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के हालिया कोटा दौरे को लेकर प्रदेश में सियासी पारा पूरी तरह गरमा गया है। बीते बुधवार को उन्होंने कोटा में नीट (NEET) परीक्षा की तैयारी में जुटे छात्र-छात्राओं से मिलकर एक विशेष संवाद कार्यक्रम में हिस्सा लिया था। इस दौरे पर अब भारतीय जनता पार्टी के राजस्थान प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने तीखा पलटवार करते हुए कांग्रेस नेता पर बड़ा राजनीतिक हमला बोला है।
पेपर लीक के मुद्दे पर राहुल गांधी का राजस्थान चयन गलत: मदन राठौड़
राहुल गांधी के इस शैक्षणिक नगरी के दौरे पर तंज कसते हुए भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि उन्होंने इस संवेदनशील मुद्दे के लिए गलत राज्य का चुनाव किया है, क्योंकि मौजूदा समय में नीट परीक्षा से जुड़ी विसंगतियों का केंद्र राजस्थान नहीं रहा है। उन्होंने सुझाव देते हुए कहा कि राहुल गांधी को इसके बजाय केरल का रुख करना चाहिए था, जहां से मुख्य रूप से गड़बड़ी की बातें सामने आई हैं। इसके साथ ही उन्होंने याद दिलाया कि जब राजस्थान में पूर्ववर्ती कांग्रेस शासन के दौरान रिकॉर्ड 17 बार प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक हुए थे, तब राहुल गांधी ने इस पर कोई संज्ञान नहीं लिया था। उन्होंने नसीहत दी कि देश की चिंता करने से पहले राहुल गांधी को राजस्थान कांग्रेस के भीतर चल रही आपसी गुटबाजी और कलह को शांत करने पर ध्यान देना चाहिए।
दलित व अल्पसंख्यक प्रतिनिधित्व और राहुल गांधी के बयानों पर प्रतिक्रिया
अल्पसंख्यक विभाग की एक बैठक में दिए गए राहुल गांधी के बयानों पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने उनकी मंशा पर सवाल उठाए। मदन राठौड़ ने कहा कि आज जिन वर्गों की वकालत की जा रही है, उनके कल्याण के लिए अतीत में कदम क्यों नहीं उठाए गए। इसके अलावा, राजनीति में अल्पसंख्यकों के प्रतिनिधित्व के सवाल पर उन्होंने भाजपा की नीति को स्पष्ट करते हुए कहा कि उनकी पार्टी में टिकट या पद जीत की क्षमता और योग्यता के आधार पर तय किए जाते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि भाजपा अपने विभिन्न सांगठनिक ढांचों में मुस्लिम समाज के योग्य कार्यकर्ताओं को पूरा और सम्मानजनक प्रतिनिधित्व प्रदान करती है।
राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर जताया दुख, प्रधानमंत्री द्वारा संज्ञान लेने की बात कही
अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी को लेकर चल रहे विवाद पर भी मदन राठौड़ ने अपनी बात रखी। उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण करार देते हुए कहा कि रामलला के दरबार में आने वाला चढ़ावा करोड़ों श्रद्धालुओं की अगाध आस्था का प्रतीक होता है, इसलिए इसके किसी भी तरह के दुरुपयोग की कल्पना भी नहीं की जा सकती। उन्होंने जानकारी दी कि स्वयं प्रधानमंत्री ने इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए विस्तृत रिपोर्ट तलब की है और जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसे किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। गौरतलब है कि इस मामले की त्वरित और निष्पक्ष जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया जा चुका है जो मुस्तैदी से काम कर रहा है।

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