नैनीताल: उत्तराखंड के खूबसूरत पहाड़ों के बीच स्थित बाबा नीम करौली महाराज का पावन स्थल 'कैंची धाम' एक बार फिर आस्था का महासागर बन चुका है। आश्रम के वार्षिक स्थापना दिवस के पावन अवसर पर देश-विदेश से आए लाखों श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। मुख्य आयोजन से एक दिन पहले ही पूरा आश्रम परिसर भक्तों से पूरी तरह भर चुका है। चारों तरफ सिर्फ भक्तिमय माहौल है और बाबा नीम करौली के जयकारों से पूरी घाटी गूंज रही है। बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए स्थानीय प्रशासन और आश्रम प्रबंधन व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने में जुटा है।
रंग-बिरंगी रोशनी से जगमगाया परिसर और मालपुए का महाप्रसाद
स्थापना दिवस के इस ऐतिहासिक अवसर पर पूरे कैंची धाम आश्रम को बेहद खूबसूरत और आकर्षक विद्युत रोशनी से सजाया गया है। शाम ढलते ही पहाड़ों के बीच स्थित यह पवित्र परिसर रंग-बिरंगी लाइटों से जगमगा उठता है, जो यहाँ आने वाले भक्तों को एक अद्भुत और अलौकिक आध्यात्मिक आनंद की अनुभूति करा रहा है।
इसके साथ ही, यहाँ आने वाले लाखों श्रद्धालुओं के लिए 'महाप्रसाद' तैयार करने की प्रक्रिया भी युद्ध स्तर पर जारी है। आश्रम परिसर में नौ बड़े चूल्हे तैयार किए गए हैं, जहाँ विशेष रूप से मथुरा और वृंदावन से बुलाए गए अनुभवी कारीगर बाबा का पसंदीदा 'मालपुआ प्रसाद' तैयार कर रहे हैं। विशाल कड़ाहों में शुद्ध देसी घी से लगातार प्रसाद बनाया जा रहा है और सैकड़ों सेवादार व्यवस्था को संभालने में लगे हैं। इस महाप्रसाद को बाबा का साक्षात आशीर्वाद माना जाता है, जिसे पाने के लिए श्रद्धालु घंटों कतारों में लगकर इंतजार करते हैं।
वैश्विक हस्तियों की आस्था का केंद्र और अखंड रामायण पाठ
बाबा नीम करौली महाराज को मानने वाले लोग केवल भारत में ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में फैले हुए हैं। एप्पल के संस्थापक स्टीव जॉब्स और फेसबुक के निर्माता मार्क जुकरबर्ग जैसी दुनिया की बड़ी तकनीकी हस्तियों के यहाँ आने और बाबा के प्रति अटूट श्रद्धा व्यक्त करने के कारण कैंची धाम को एक वैश्विक पहचान मिली है।
स्थापना दिवस समारोह के उपलक्ष्य में आश्रम में अखंड रामायण का पाठ लगातार जारी है, जिससे पूरा वातावरण मंत्रमुग्ध करने वाला हो गया है। भक्तगण भजन-कीर्तन, विशेष पूजा और दर्शन लाभ लेकर मन की शांति का अनुभव कर रहे हैं।
भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने किए सुरक्षा के कड़े इंतजाम
चूंकि इस बार स्थापना दिवस पर रिकॉर्ड तोड़ भीड़ उमड़ने की संभावना जताई जा रही है, इसलिए नैनीताल जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने सुरक्षा और यातायात (ट्रैफिक) प्रबंधन के लिए विशेष रूप से रूट डायवर्जन और अतिरिक्त पार्किंग की व्यवस्था की है। भवाली-अल्मोड़ा हाईवे पर जाम न लगे, इसके लिए कई जगहों पर शटल सेवा शुरू की गई है। आश्रम से जुड़े बुजुर्गों का कहना है कि यह स्थापना दिवस केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सेवा, समर्पण और सामूहिक आस्था का सबसे बड़ा अनूठा उत्सव है।

More Stories
राम मंदिर चढ़ावा मामले की SIT जांच पर टिकी देशभर के श्रद्धालुओं की नजर
तृणमूल कांग्रेस में सियासी हलचल तेज, सांसदों के विद्रोह पर रामगोपाल यादव का तीखा बयान
हरिद्वार में आस्था का जनसैलाब, सोमवती अमावस्या पर लाखों ने लगाई गंगा डुबकी