अहमदाबाद। वैवाहिक वेबसाइटों (मैट्रिमोनियल साइट्स) के माध्यम से अपने लिए जीवनसाथी की तलाश करने वाले लोगों के लिए एक बेहद हैरान करने वाला और सतर्क करने वाला सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां 'आदित्य पटेल' नाम से एक फर्जी पहचान (प्रोफाइल) तैयार कर अकेली और विधवा महिलाओं को अपने जाल में फंसाने वाले एक शातिर जालसाज को पुलिस ने दबोचा है, जिसका वास्तविक नाम करीम सिपाही है। पीड़ित महिला ने सूझबूझ दिखाते हुए इस पूरे फर्जीवाड़े का पर्दाफाश किया, जिसके बाद आरोपी अब पुलिस की सलाखों के पीछे है।
फर्जी पहचान का जाल और ट्रू-कॉलर ऐप से खुला आरोपी का राज
इस ठगी का शिकार हुई अहमदाबाद की एक विधवा महिला का संपर्क मैट्रिमोनियल साइट के जरिए 'आदित्य पटेल' नाम के एक व्यक्ति से हुआ था। पिछले करीब 4 से 5 महीनों से दोनों लगातार बातचीत कर रहे थे। खुद को उच्च शिक्षित बताने वाले इस ठग ने महिला के सामने दावा किया था कि उसकी पत्नी का देहांत हो चुका है और वह प्लास्टिक का एक बड़ा व्यापार चलाता है। महिला का भरोसा जीतने के लिए उसने आदित्य पटेल के नाम से बने बोगस पहचान पत्र जैसे पैन कार्ड, [आधार कार्ड रिडक्टेड], राशन कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस भी दिखाए थे। हालांकि, एक दिन जब उसने महिला को कॉल किया, तो महिला के स्मार्टफोन पर 'ट्रू-कॉलर' एप्लीकेशन में 'करीम' नाम दिखाई दिया, जिसने इस पूरे मामले को एक नया मोड़ दे दिया।
महिला की गुप्त पड़ताल, स्थानीय संगठन की मदद और असली पहचान
नाम में आए इस बड़े अंतर से महिला को गहरा संदेह हुआ, जिसके बाद उसने बिना घबराए उन जाली दस्तावेजों पर लिखे पते पर जाकर गुपचुप तरीके से छानबीन की। वहां पहुंचने पर महिला को पता चला कि उस जगह पर आदित्य नाम का कोई व्यक्ति रहता ही नहीं है। अपने साथ हुई धोखाधड़ी को भांपकर महिला ने हिम्मत दिखाई और स्थानीय सामाजिक व सांस्कृतिक संगठन के पदाधिकारियों से मदद मांगी। संगठन द्वारा अपने स्तर पर की गई त्वरित जांच में यह कड़वा सच उजागर हुआ कि आरोपी का असली नाम करीम रफीकभाई सिपाही है, जो मेहसाणा जिले के कडी इलाके का निवासी है। वह न केवल पहले से विवाहित है, बल्कि बेहद शातिराना अंदाज में अपनी असली धार्मिक और पारिवारिक पहचान छिपाकर भोली-भाली महिलाओं को अपना शिकार बना रहा था।
महिला क्राइम ब्रांच की कार्रवाई और मोबाइल से आपत्तिजनक डेटा की बरामदगी
मामले की पूरी जानकारी मिलते ही अहमदाबाद पश्चिम महिला क्राइम ब्रांच को सूचित किया गया, जिसने तत्परता दिखाते हुए जालसाज करीम सिपाही को गिरफ्तार कर लिया। जब पुलिस ने आरोपी के मोबाइल फोन और डिजिटल उपकरणों की फॉरेंसिक जांच की, तो उसमें से विभिन्न महिलाओं के साथ की गई बातचीत (चैट्स) और बेहद आपत्तिजनक अवस्था के करीब 8,000 तस्वीरें और वीडियो क्लिप्स बरामद हुए। पुलिस ने आरोपी के पास से 'आदित्य पटेल' के नाम पर तैयार किए गए फर्जी पैन कार्ड, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, [आधार कार्ड रिडक्टेड] और राशन कार्ड भी जब्त किए हैं। इस मामले की संवेदनशीलता और पीड़ित महिलाओं की सामाजिक निजता को ध्यान में रखते हुए पुलिस बेहद सतर्कता से आगे की कड़ियों को जोड़ रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि आरोपी अब तक कितनी और महिलाओं को अपनी इस साजिश का शिकार बना चुका है।

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