चौंकाने वाला खुलासा: आरोपी ने मासूम को बहलाकर बनाया निशाना, चंद मिनटों में अंजाम दी घिनौनी वारदात

रीवा: मध्य प्रदेश के रीवा जिले से इंसानियत को झकझोर देने वाली एक बेहद निंदनीय घटना सामने आई है। यहाँ के विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र में एक अज्ञात युवक ने 8 वर्षीय मासूम बच्ची को चॉकलेट का लालच देकर अपने जाल में फंसाया। इसके बाद वह बच्ची को बहला-फुसलाकर एक सुनसान इलाके में ले गया, जहाँ उसने मासूम के साथ दुष्कर्म (रेप) जैसी जघन्य वारदात को अंजाम दिया और मौके से फरार हो गया। जब पीड़ित बच्ची ने घर पहुँचकर अपने माता-पिता को आपबीती सुनाई, तो परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई। मामले की शिकायत तुरंत पुलिस में दर्ज कराई गई।

पुलिस महकमे में खलबली, 3 दिनों के भीतर सलाखों के पीछे पहुँचा दरिंदा

मासूम बच्ची के साथ हुई इस बर्बरता की खबर मिलते ही पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर आरोपी की धरपकड़ के लिए तुरंत विशेष पुलिस टीमों का गठन किया गया। पुलिस ने तीन दिनों तक चौबीसों घंटे लगातार सघन जांच अभियान चलाया। इस दौरान इलाके के 100 से अधिक सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की फुटेज खंगालने और कड़े तकनीकी विश्लेषण के बाद आखिरकार आरोपी को गिरफ्तार कर जेल की सलाखों के पीछे भेज दिया गया।

पहचान छिपाने की कोशिश नाकाम, पॉक्सो और गंभीर धाराओं में केस दर्ज

पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि आरोपी पिछले कुछ दिनों से विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र के आसपास के इलाकों में संदिग्ध रूप से घूमता हुआ देखा गया था। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए सबसे पहले पीड़ित बच्ची का मेडिकल कराया और उसे बाल कल्याण समिति (CWC) के समक्ष प्रस्तुत कर उसके बयान दर्ज कराए।

बयानों और फॉरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ पॉक्सो (POCSO) एक्ट समेत अन्य गंभीर आपराधिक धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी स्थानीय निवासी नहीं था, जिसके कारण शुरुआती जांच में उसका सुराग लगाना और उसकी पहचान स्थापित करना बेहद चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा था। सीसीटीवी फुटेज में भी उसका चेहरा और वाहन का नंबर स्पष्ट नहीं था, लेकिन मुखबिर तंत्र और हुलिये के मिलान से पुलिस अंततः असली अपराधी तक पहुँचने में कामयाब रही।

कोर्ट ने भेजा जेल; पुलिस की पैरेंट्स से विशेष अपील

गिरफ्तारी के बाद पुलिस टीम ने आरोपी से कड़ी पूछताछ की और सभी आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद उसे स्थानीय न्यायालय (कोर्ट) में पेश किया, जहाँ से माननीय न्यायाधीश ने उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।

इस त्वरित और कड़े एक्शन के लिए स्थानीय जनता पुलिस की सराहना कर रही है, लेकिन इस घटना ने समाज में बच्चों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर बड़ी चिंता पैदा कर दी है। पुलिस प्रशासन ने सभी अभिभावकों (माता-पिता) से विशेष अपील की है कि वे अपने बच्चों को अजनबियों से किसी भी तरह की खाने-पीने की चीज न लेने और उनसे दूरी बनाए रखने की सीख दें। साथ ही, आसपास किसी भी संदिग्ध व्यक्ति के दिखने पर तुरंत नजदीकी थाने को सूचित करें।