मौसम विभाग नहीं था तब कैसे लगता था बारिश का पता, चींटी, गौरैया और पक्षियों के संकेतों से हिंदू पंचांग के अनुसार प्रदोष व्रत भगवान शिव की आराधना के लिए बेहद शुभ माना जाता है। वर्षभर में कई प्रदोष व्रत आते हैं, लेकिन जून माह का पहला प्रदोष विशेष फलदायी माना जा रहा है. क्युकी इस दिन कई शुभ सयोंग का निर्माण भी हो रहा है. इस पावन दिन शिव भक्त उपवास रखकर शिवलिंग का जल, दूध और पंचामृत से अभिषेक करते हैं तथा विधि-विधान से पूजा-अर्चना करते हैं.
मान्यता है कि प्रदोष काल में की गई सच्ची भक्ति से भगवान भोलेनाथ प्रसन्न होते हैं और भक्तों के दुख-दर्द दूर करते हैं. यह व्रत सुख, शांति, समृद्धि और जीवन में नई सफलता के द्वार खोलने वाला माना जाता है. आइए जानते है उज्जैन के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य आनंद भारद्वाज से इस बार यह प्रदोष कब आ रहा है और इस दिन किन उपायों को करने से भगवान शिव की कृपा बरसेंगी.
कब रखा जायगा जून का पहला प्रदोष व्रत?
वैदिक पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ अधिकमास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि 12 जून 2026 को शाम 07 बजकर 36 मिनिट के लगभग से शुरू होकर 13 जून 2026 को शाम 04 बजकर 07 मिनिट के लगभग पर समाप्त होगी. प्रदोष काल में भगवान शिव की पूजा का विशेष महत्व होता है, इसलिए इस बार प्रदोष व्रत 12 जून 2026 को रखा जाएगा. इसी दिन श्रद्धालु विधि-विधान से महादेव की पूजा-अर्चना करेंगे. चूंकि यह व्रत शुक्रवार के दिन पड़ रहा है, इसलिए इसे शुक्र प्रदोष व्रत कहा जाएगा.
शुक्र प्रदोष व्रत का धार्मिक महत्व
शुक्रवार के दिन पड़ने की वजह से इसे शुक्र प्रदोष व्रत कहते हैं. धार्मिक मान्यता के अनुसार, शुक्र प्रदोष व्रत करने से व्यक्ति के जीवन खुशहाली आती है और शत्रुओं पर विजय प्राप्त होती है. इसके साथ ही जीवन के सभी संकटों से छुटकारा मिलता है. वहीं खासतौर पर इस व्रत को विवाहित महिलाएं पति की लंबी आयु और सुख-सौभाग्य में वृद्धि के लिए रखती हैं.
प्रदोष व्रत पर जरूर करें ये उपाय
जून माह के पहले प्रदोष व्रत पर भगवान शिव की विशेष पूजा का महत्व और भी बढ़ जाता है. इस पावन दिन शिवलिंग पर तिल अर्पित करने से पापों का नाश होता है और जीवन में सुख-समृद्धि का आगमन माना जाता है. शिवजी को लाल चंदन चढ़ाने से सूर्य ग्रह मजबूत होता है, जिससे मान-सम्मान और सफलता में वृद्धि होती है. यदि धन टिक नहीं रहा हो तो शिवलिंग पर कच्चे चावल अर्पित करना शुभ माना गया है, इससे आर्थिक स्थिति मजबूत होने के साथ कर्ज की परेशानी भी दूर होंगी. वहीं गेहूं और धतूरे से अभिषेक कर सुख-शांति तथा संतान सुख की कामना करने पर महादेव की विशेष कृपा प्राप्त होती है.

More Stories
14 हजार ‘राम’ नाम वाली ईंटें, 13 स्वर्ण कलश और 108 मयूर; ऐसा होगा जयपुर का भव्य गुप्त वृंदावन धाम मंदिर
क्या आप जानते हैं अंजनी पुत्र बजरंगबली का असली नाम? जानें कैसे पड़ा उनका नाम ‘हनुमान
जन्मतिथि से जानिए आपके लिए कौन सा पौधा रहेगा लकी, धीरे-धीरे दूर होंगी सभी टेंशन और महसूस करेंगे सुख-शांति