द्रविड़ की महानता का प्रमाण, यह रिकॉर्ड अब भी सुरक्षित और मजबूत

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और दिग्गज बल्लेबाज राहुल द्रविड़ के नाम टेस्ट क्रिकेट का एक ऐसा ऐतिहासिक कीर्तिमान दर्ज है, जिसे भविष्य में किसी भी खिलाड़ी के लिए तोड़ पाना लगभग असंभव माना जा रहा है। द्रविड़ ने अपने टेस्ट करियर के दौरान कुल 31,258 गेंदों का सामना किया है, जो विश्व क्रिकेट के इतिहास में किसी भी बल्लेबाज द्वारा क्रीज पर खेली गई सबसे अधिक गेंदें हैं। आज के आधुनिक दौर में जहां टेस्ट क्रिकेट में भी आक्रामक और तेज खेलने का चलन बढ़ गया है, वहीं टी20 के इस फटाफट युग में किसी बल्लेबाज के लिए इतने लंबे समय तक संयम के साथ क्रीज पर टिके रहना और इतनी गेंदें खेलना नामुमकिन सा नजर आता है। उन्होंने टेस्ट मैच में सबसे ज्यादा समय क्रीज पर बिताने का विश्व रिकॉर्ड भी बनाया, जो उनकी बेमिसाल एकाग्रता को साबित करता है।

टेस्ट में बनाए 13 हजार से अधिक रन और 36 शतक

राहुल द्रविड़ टेस्ट फॉर्मेट में 13,288 रन बनाकर दुनिया के शीर्ष 5 सबसे ज्यादा रन बनाने वाले महान बल्लेबाजों की सूची में शुमार हैं। अपने शानदार करियर में उन्होंने 36 बेहतरीन शतक और 63 अर्धशतक जड़े, जो मुश्किल परिस्थितियों में भी टीम को संभालने की उनकी क्षमता को दर्शाते हैं।

कैच पकड़ने में भी थे अव्वल, नंबर 3 के 'किंग'

द्रविड़ की खूबियां सिर्फ रन बनाने तक ही सीमित नहीं थीं, बल्कि मैदान पर फील्डिंग के दौरान भी उनका कोई सानी नहीं था:

  • फील्डिंग का रिकॉर्ड: एक विकेटकीपर के अलावा सामान्य फील्डर के तौर पर टेस्ट इतिहास में सबसे ज्यादा 210 कैच लपकने का रिकॉर्ड लंबे समय तक उनके नाम रहा, जिसे बाद में इंग्लैंड के जो रूट ने पार किया।

  • दसों देशों में शतक: वे दुनिया के पहले ऐसे बल्लेबाज बने जिन्होंने टेस्ट खेलने वाले सभी 10 देशों की धरती पर शतकीय पारियां खेलीं।

  • नंबर 3 पर बादशाहत: उन्होंने नंबर-3 के महत्वपूर्ण पायदान पर बल्लेबाजी करते हुए 10,000 से अधिक टेस्ट रन जोड़े, जो उनकी मैच जिताऊ क्षमता का लोहा मनवाता है।

टेस्ट क्रिकेट के साथ-साथ सीमित ओवरों (वनडे) में भी उनका प्रदर्शन बेहद शानदार रहा। साल 1999 के एकदिवसीय विश्व कप में राहुल द्रविड़ ने बल्ले से जबरदस्त चमक बिखेरते हुए कुल 461 रन बनाए थे और टूर्नामेंट में सर्वाधिक रन बनाने वाले पहले बल्लेबाज बने थे।