उज्जैन। धार्मिक नगरी में सोमवार की शाम उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक पाकिस्तानी नंबर से आए वॉट्सऐप मैसेज ने सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े कर दिए। संदेश में लिखा था कि शाम 6 बजे शहर के व्यस्ततम टॉवर चौक को बम से उड़ा दिया जाएगा। मैसेज भेजने वाले ने अपना नाम मोहम्मद मुश्ताक बताते हुए खुद को एक गुप्त एजेंट होने का दावा किया था। यह खौफनाक धमकी स्थानीय निवासी अजय पटेल के मोबाइल पर दोपहर करीब 4:30 बजे प्राप्त हुई। अजय ने बिना वक्त गंवाए तुरंत इसकी सूचना माधव नगर थाना पुलिस को दी, जिसके बाद पूरा पुलिस महकमा हाई अलर्ट मोड पर आ गया।
पुलिस ने संभाला मोर्चा और तीन घंटे तक किया कॉलर को उलझाने का प्रयास
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस टीम ने फौरन अजय का मोबाइल फोन अपने नियंत्रण में ले लिया। इसके बाद सुरक्षा अधिकारियों ने रणनीति के तहत अगले तीन घंटों तक उसी पाकिस्तानी नंबर पर लगातार चैटिंग और बातचीत जारी रखी, ताकि आरोपी की लोकेशन और उसके इरादों का सुराग लगाया जा सके। एक तरफ पुलिस कॉलर को अपनी बातों में उलझाकर इनपुट निकालने की कोशिश कर रही थी, तो दूसरी तरफ पूरे शहर की सुरक्षा अभेद्य कर दी गई थी। देर रात जब पुलिस और प्रशासनिक अमला भारी तनाव से गुजर रहा था, तभी उस नंबर से एक आखिरी मैसेज आया, जिसमें लिखा था कि वह सिर्फ एक 'प्रैंक' (मजाक) कर रहा था। इस एक लाइन के संदेश के साथ ही घंटों से चल रही दहशत और कशमकश का अंत हुआ।
टॉवर चौक पर बम स्क्वॉड का सघन तलाशी अभियान
धमकी भरा संदेश मिलते ही एहतियात के तौर पर बम निरोधक दस्ते (बीडीएस) और डॉग स्क्वॉड की टीम को तुरंत टॉवर चौक के लिए रवाना किया गया था। सुरक्षाबलों ने चौक के आसपास के सभी संवेदनशील पॉइंट, दुकानों और संदिग्ध कोनों की मेटल डिटेक्टर के जरिए बारीकी से सघन चेकिंग की। हालांकि, कई घंटों तक चले इस गहन सर्च ऑपरेशन के दौरान वहां से कोई भी आपत्तिजनक या संदिग्ध सामग्री बरामद नहीं हुई, जिससे सुरक्षा एजेंसियों ने राहत की सांस ली।
सुरक्षा व्यवस्था सख्त और मामले की गहराई से तफ्तीश शुरू
भले ही यह पूरी घटना एक भद्दा मजाक साबित हुई हो, लेकिन उज्जैन पुलिस इसे बेहद गंभीरता से ले रही है। सुरक्षा के मद्देनजर शहर के सभी प्रमुख सार्वजनिक स्थलों, रेलवे स्टेशन, महाकाल मंदिर परिसर, बस स्टैंड और अत्यधिक भीड़भाड़ वाले बाजारों में पुलिस गश्त और चेकिंग को कई गुना बढ़ा दिया गया है। पुलिस अधिकारी अब मैसेज भेजने वाले के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क और मैसेज प्राप्त करने वाले युवक, दोनों के तकनीकी पहलुओं की बारीकी से जांच कर रहे हैं। इस साइबर थ्रेट के पीछे की असली साजिश का पता लगाने के लिए पुलिस की विंग लगातार काम कर रही है और जल्द ही इस पर आधिकारिक खुलासा किया जाएगा।

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