गोविंद हत्याकांड में बड़ा खुलासा, सुपारी किलर निकला गैंग से जुड़ा शख्स

मुजफ्फरपुर। बहुचर्चित गोविंद हत्याकांड में पुलिस की गिरफ्त में आए कुख्यात अपराधी बाबुल चौधरी ने रिमांड पर हुई पूछताछ में कई सनसनीखेज खुलासे किए हैं। उसने स्वीकार किया है कि वह पिछले कई महीनों से गोविंद को रास्ते से हटाने की साजिश रच रहा था। विवाद की मुख्य वजह कलमबाग चौक स्थित 15 कट्ठा की बेशकीमती जमीन का सौदा और विश्वविद्यालय का 3 करोड़ रुपये का बड़ा ठेका (टेंडर) था। जब गोविंद ने बाबुल पर इस ठेके और जमीन के काम से पूरी तरह पीछे हटने का दबाव बनाया, तो वह गुस्से से आगबबूला हो गया। बात न बनने पर जब गोविंद खुद बाबुल को ठिकाने लगाने की योजना बनाने लगा, तो बाबुल ने पहले ही उसकी हत्या का ताना-बाना बुन डाला।

खुद के गुर्गे ने ही गोविंद तक पहुंचाई थी पहली सुपारी की खबर

साजिश के शुरुआती दौर में बाबुल चौधरी ने मुशहरी थाना क्षेत्र के प्रहलादपुर गांव के एक शातिर अपराधी को गोविंद की हत्या का जिम्मा सौंपा था। हालांकि, यह दांव बाबुल पर ही उल्टा पड़ गया, क्योंकि वह अपराधी अंदरूनी रूप से गोविंद शर्मा के ही गैंग से जुड़ा हुआ था और उसने इस पूरी साजिश की भनक गोविंद को दे दी। इस खुलासे के बाद गोविंद बेहद सतर्क रहने लगा और उसने अपनी सुरक्षा बढ़ा दी। इसी दौरान बाबुल की मुलाकात अमित पांडे से हुई, जिसने इस काम को अंजाम देने के लिए अपने सगे भांजे सौरभ को बाबुल से मिलवाया और इसके बाद नए सिरे से हत्या की खौफनाक पटकथा लिखी गई।

सफेदपोशों से फंडिंग की आशंका और बैंक खातों की सघन जांच

पुलिस की तफ्तीश में यह बात साफ तौर पर सामने आई है कि बाबुल चौधरी इस पूरे हत्याकांड का महज एक मोहरा है और उसे पीछे से बड़े खिलाड़ियों द्वारा मोटी फंडिंग की जा रही थी। बाबुल ने शूटर राजा को हत्या के लिए 5 लाख रुपये की सुपारी दी थी और मुख्य साजिशकर्ता सौरभ को छिपने के लिए आइकॉन टावर के फ्लैट नंबर 406 में रखने का पूरा खर्च भी उठाया था, जहां वह 2 मई से रह रहा था। गोविंद की पत्नी द्वारा दर्ज कराए गए बयानों के आधार पर पुलिस अब शहर के कई रसूखदार सफेदपोशों, ओंकार, बाबुल और कलमबाग चौक के आशुतोष उर्फ फुद्दु के मोबाइल कॉल रिकॉर्ड्स और बैंक खातों के लेन-देन को खंगाल रही है।

फरार शूटरों की तलाश में छापेमारी और लेडी डॉक्टर पर गहराया शक

सौरभ और बाबुल से मिली कड़ियों के आधार पर पुलिस अब इस मामले में फरार चल रहे मुख्य शूटर राजा सिंह, हत्या में इस्तेमाल हथियार को छिपाने वाले मनीष और शूटरों को फ्लैट में शराब व चिकन पहुंचाने वाले मददगार वैभव की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी कर रही है। इसके साथ ही, इस पूरे षड्यंत्र में पटना की एक महिला डॉक्टर की संदिग्ध भूमिका की भी गहनता से जांच की जा रही है। जांच अधिकारियों का मानना है कि पकड़े गए आरोपियों के जब्त मोबाइलों के फॉरेंसिक डेटा से कई और चौंकाने वाले नाम सामने आ सकते हैं, जिन्हें जल्द ही सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।