IPS अजय पाल शर्मा पर विवादित बयान के बाद TMC नेता गिरफ्तार

कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजनीति में चल रही भारी हलचल के बीच तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के कद्दावर नेता जहांगीर खान की गिरफ्तारी ने राज्य के सियासी घटनाक्रम को एक नया और बड़ा मोड़ दे दिया है। पिछले कई दिनों से पुलिस की नजरों से बचकर फरार चल रहे खान पर सुरक्षा एजेंसियां लगातार नजर रख रही थीं। इसी कड़ी में सोमवार को पश्चिम बंगाल पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने नेपाल सीमा के पास एक बड़ा और गोपनीय अभियान चलाकर जहांगीर खान को धर दबोचा। पुलिस अधिकारियों को पक्का अंदेशा था कि वह कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए सीमा पार कर नेपाल भागने की फिराक में था। खान की यह गिरफ्तारी उत्तर प्रदेश के मशहूर आईपीएस (IPS) अधिकारी अजयपाल शर्मा को लेकर दिए गए उनके एक बेहद विवादित और चर्चित बयान के मामले में की गई है।

नेपाल बॉर्डर पर एसटीएफ का खुफिया ऑपरेशन

जहांगीर खान की तलाश में जुटी स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) को पिछले कुछ दिनों से उनकी लोकेशन और पल-पल की गतिविधियों को लेकर लगातार खुफिया इनपुट मिल रहे थे। सोमवार तड़के जैसे ही उनके नेपाल सीमा के पास छिपे होने की सटीक सूचना मिली, एसटीएफ की टीम ने बिना वक्त गंवाए पूरे सीमावर्ती इलाके की घेराबंदी कर दी और एक बड़ा सर्च ऑपरेशन शुरू किया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, घेराबंदी इतनी पुख्ता थी कि जहांगीर खान को बिना किसी बड़े विरोध के आसानी से हिरासत में ले लिया गया। गिरफ्तारी के तुरंत बाद सुरक्षा बल उन्हें एक सुरक्षित स्थान पर ले गए हैं, जहां उनसे गहन पूछताछ की जा रही है।

IPS अधिकारी को चुनौती देकर खुद को बताया था 'पुष्पा'

जहांगीर खान को हाल ही में संपन्न हुए पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने फलता विधानसभा सीट से अपना आधिकारिक उम्मीदवार बनाया था। चुनाव प्रचार के दौरान वे अपने आक्रामक तेवरों और बयानों को लेकर लगातार सुर्खियों में बने हुए थे। इसी दौरान चुनाव आयोग द्वारा तैनात किए गए यूपी काडर के कद्दावर आईपीएस अधिकारी अजयपाल शर्मा के साथ उनकी तीखी तनातनी देखने को मिली थी। एक चुनावी रैली के दौरान खान ने आईपीएस शर्मा को खुले मंच से ललकारते हुए कहा था कि "अगर वो सिंघम हैं, तो मैं भी पुष्पा हूं… झुकेगा नहीं।" उनके इसी विवादित बयान और पुलिस दल को चुनौती देने के मामले में उनके खिलाफ गंभीर धाराओं में प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज की गई थी।

चुनावी हिंसा, हार और कोर्ट से झटका मिलने के बाद हुए फरार

जहांगीर खान के खिलाफ केवल विवादित बयान ही नहीं, बल्कि चुनाव के दिन मतदाताओं को डराने-धमकाने और उन्हें मतदान केंद्रों तक पहुंचने से जबरन रोकने के भी गंभीर आरोप लगे थे। इसके बाद उनके खिलाफ आगजनी, सुरक्षा बलों पर हमला, धमकी देने और हत्या के प्रयास जैसी संगीन धाराओं में मुकदमे दर्ज किए गए थे। अकेले फाल्टा पुलिस स्टेशन में ही उनके खिलाफ सात एफआईआर दर्ज हैं। चुनाव नतीजों में फलता सीट पर बीजेपी की जीत हुई और टीएमसी के भीतर मचे घमासान के बीच खान चौथे स्थान पर खिसक गए। इस करारी हार और कलकत्ता हाई कोर्ट द्वारा उन्हें मिली अंतरिम राहत की अवधि बढ़ाने से इनकार करने के बाद वे अचानक गायब हो गए थे, जिन्हें अब एसटीएफ ने गिरफ्तार कर लिया है।