ग्वालियर | मध्य प्रदेश के ग्वालियर शहर में ग्रीन एनर्जी (हरित ऊर्जा) को बढ़ावा देने के लिए नगर निगम ने एक बड़ा कदम उठाया है। नगर निगम द्वारा सागरताल के पास मानपुर पहाड़ी पर 2.4 मेगावाट की क्षमता वाला एक नया सोलर प्लांट स्थापित किया जा रहा है। इस पूरे प्रोजेक्ट के लिए करीब 10 करोड़ रुपये का टेंडर जारी किया जा चुका है और उम्मीद है कि जून के महीने में ही टेंडर की कागजी प्रक्रिया को अंतिम रूप दे दिया जाएगा।
प्रतिमाह 9 लाख रुपये की होगी बड़ी आर्थिक बचत
इस नए सोलर प्लांट के चालू होने के बाद रोजाना लगभग 8 से 9 हजार यूनिट बिजली का उत्पादन होने की उम्मीद है। यहां बनने वाली बिजली को सीधे मध्य प्रदेश विद्युत वितरण कंपनी (MPEB) को भेजा जाएगा। इस सौर ऊर्जा प्रोजेक्ट के जरिए ग्वालियर नगर निगम को हर महीने बिजली बिल में करीब 9 लाख रुपये तक की बड़ी बचत होने का अनुमान है, जिससे निगम की वित्तीय स्थिति मजबूत होगी।
प्रधानमंत्री आवास योजना के पास बंजर पहाड़ियों का चयन
नगर निगम ने इस सौर ऊर्जा परियोजना के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना के ठीक पीछे स्थित अनुपयोगी और खाली पड़ी पहाड़ियों की जमीन को चुना है। इस योजना की खास बात यह है कि जो भी ठेकेदार इस प्लांट को स्थापित करने का ठेका लेगा, वही अगले 10 वर्षों तक इसकी देखरेख और रखरखाव (मेंटेनेंस) की जिम्मेदारी भी संभालेगा, जिससे प्लांट का संचालन निर्बाध रूप से हो सके।
एनर्जी ऑडिट और बिजली के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की ओर कदम
नगर निगम आयुक्त संघ प्रिय के अनुसार, निगम क्षेत्र में ऊर्जा दक्षता बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में एक व्यापक एनर्जी ऑडिट भी शुरू किया गया है, जिसके तहत नगर निगम के लगभग 3600 स्मार्ट मीटर कनेक्शनों की जांच और परीक्षण किया जा रहा है। वर्तमान में बायो सीएनजी प्लांट जैसे कई बड़े प्रोजेक्ट्स को चलाने के लिए निगम को भारी-भरकम राशि बिजली पर खर्च करनी पड़ती है, लेकिन इस सोलर प्लांट के शुरू होने से ग्वालियर पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ बिजली के क्षेत्र में भी आत्मनिर्भरता की ओर मजबूती से कदम बढ़ाएगा।

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