साढौरा | कांग्रेस से निलंबित और सांसद सैलजा की समर्थक साढौरा विधायक रेनू बाला के पति इंजीनियर ऋषिपाल शुक्रवार को औपचारिक रूप से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल होने जा रहे हैं। ऋषिपाल मुख्यमंत्री नायब सैनी के नेतृत्व में भाजपा की सदस्यता ग्रहण करेंगे। इस राजनीतिक बदलाव को लेकर ऋषिपाल की ओर से व्यासपुर स्थित ऐश्वर्य पैलेस में एक विशाल जनसभा का आयोजन किया गया है, जिसमें खुद मुख्यमंत्री शिरकत करने पहुंच रहे हैं।
विधायक पत्नी रहेंगी मौजूद, पर नहीं थामेंगी भाजपा का दामन
इस पूरे घटनाक्रम में सबसे दिलचस्प बात यह है कि विधायक रेनू बाला खुद भाजपा में शामिल नहीं हो रही हैं, लेकिन वे इस कार्यक्रम में मौजूद जरूर रहेंगी। राजनैतिक जानकारों का मानना है कि यदि रेनू बाला अधिकारिक रूप से भाजपा में जाती हैं, तो दल-बदल कानून के तहत उनकी विधानसभा सदस्यता (कुर्सी) खतरे में पड़ सकती है। ऋषिपाल ने भी स्पष्ट किया है कि उनकी पत्नी को कांग्रेस से केवल निलंबित किया गया है, निष्कासित नहीं। इसलिए वे तकनीकी रूप से कांग्रेस की ही विधायक रहेंगी, हालांकि वे भविष्य में कांग्रेस के आधिकारिक कार्यक्रमों से दूरी बनाकर रखेंगी।
साढौरा विधानसभा में बढ़ी हलचल और टिकट के समीकरण
ऋषिपाल के इस कदम से साढौरा विधानसभा क्षेत्र के सियासी समीकरण पूरी तरह बदल गए हैं। इस जनसभा के दौरान ऋषिपाल मंच पर साढौरा से तीन बार के पूर्व विधायक और भाजपा नेता बलवंत सिंह के साथ नजर आएंगे। गौरतलब है कि रेनू बाला ने बलवंत सिंह को लगातार दो विधानसभा चुनावों में शिकस्त दी है। अब धुर विरोधियों के एक ही पाले में आ जाने से अगले विधानसभा चुनावों में भाजपा की टिकट के दावेदारों को लेकर स्थानीय स्तर पर कयासबाजी और राजनीतिक सरगर्मी काफी तेज हो गई है।
निलंबन के बाद से ही सरकारी मंचों पर बढ़ गई थी नजदीकियां
राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग के आरोप में कांग्रेस द्वारा निलंबित किए जाने के बाद से ही रेनू बाला की भाजपा से नजदीकियां लगातार चर्चा में थीं। पिछले कुछ समय से वे तमाम सरकारी आयोजनों में बतौर अतिथि शामिल हो रही थीं। हाल ही में 29 मई को कैबिनेट मंत्री अनिल विज की अध्यक्षता में हुई कष्ट निवारण समिति की बैठक में भी वे अन्य भाजपा नेताओं से पहले पहुंच गई थीं। आपको बता दें कि रेनू बाला का राजनीतिक सफर काफी उतार-चढ़ाव वाला रहा है; उन्होंने जिला परिषद का चुनाव निर्दलीय जीता, फिर भाजपा में शामिल होकर जिला परिषद अध्यक्ष बनीं और बाद में कुमारी सैलजा के प्रभाव में आकर कांग्रेस में शामिल होकर विधायक बनी थीं। इस कार्यक्रम से ठीक पहले मुख्यमंत्री सरस्वतीनगर में एक नए पशु अस्पताल का उद्घाटन भी करेंगे।

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