रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मंशानुसार बीजापुर जिले में जल संरक्षण और ग्रामीण आजीविका को मजबूत बनाने के लिए ‘‘मोर गांव-मोर पानी’’ महाअभियान का प्रभावी संचालन किया जा रहा है। 24 अप्रैल 2025 से शुरू हुए इस अभियान के तहत महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के माध्यम से जल संरक्षण और जल संवर्धन से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूरा किया जा रहा है।
मनरेगा से 294 से अधिक जल संरचनाएं तैयार, 2.14 लाख मानव दिवस का रोजगार सृजित
जिले में इस अभियान के तहत लगभग 5.89 करोड़ रुपये की लागत से 294 से अधिक जल संरक्षण एवं जल संवर्धन कार्य पूरे किए जा चुके हैं। इनमें डबरी, खेत तालाब, गेबियन संरचना, चेकडैम, नाला उपचार, परकोलेशन टैंक तथा अन्य जल संचयन संरचनाएं शामिल हैं। इन कार्यों से वर्षा जल का बेहतर संचयन हो रहा है और भू-जल स्तर में सुधार के लिए अनुकूल परिस्थितियां बन रही हैं।
स्थानीय स्तर पर मिला रोजगार, बढ़ी ग्रामीणों की आय
महाअभियान के तहत किए गए कार्यों से जिले में 2 लाख 14 हजार से अधिक मानव दिवस का रोजगार सृजित हुआ है। बड़ी संख्या में ग्रामीण श्रमिकों को अपने गांव के आसपास ही रोजगार मिला है, जिससे उनकी आय में वृद्धि हुई है और आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है।
किसानों को मिली सिंचाई सुविधा, बढ़ीं खेती की संभावनाएं
जल संरक्षण संरचनाओं के निर्माण से किसानों को सिंचाई की बेहतर सुविधा मिलने लगी है। इससे कृषि उत्पादन बढ़ने के साथ-साथ अतिरिक्त फसल लेने की संभावनाएं भी मजबूत हुई हैं। पर्याप्त जल उपलब्धता के कारण खेती अधिक लाभकारी बन रही है।
166 डबरी बनीं आजीविका का स्थायी आधार
… अभियान के तहत जिले में 166 हितग्राहियों के लिए डबरी निर्माण का कार्य पूरा किया गया है। इन डबरियों से किसानों को सिंचाई के साथ-साथ मत्स्य पालन, सब्जी उत्पादन और बागवानी जैसी गतिविधियों का अवसर मिल रहा है। इससे उन्हें अतिरिक्त आय का स्थायी स्रोत प्राप्त हुआ है।
आत्मनिर्भर बन रहे ग्रामीण परिवार
जल संरक्षण कार्यों का सकारात्मक प्रभाव ग्रामीण आजीविका पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। किसान अब सब्जी उत्पादन, बागवानी, मत्स्य पालन और अन्य आयवर्धक गतिविधियों से जुड़कर अतिरिक्त आय अर्जित कर रहे हैं। इससे ग्रामीण परिवार आर्थिक रूप से अधिक सशक्त और आत्मनिर्भर बन रहे हैं।
जल सुरक्षा और ग्रामीण विकास की मजबूत नींव
‘‘मोर गांव-मोर पानी’’ महाअभियान जल संरक्षण के साथ-साथ प्राकृतिक संसाधनों के सतत प्रबंधन और ग्रामीण विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हो रहा है। जनभागीदारी आधारित यह अभियान भविष्य में जल सुरक्षा, कृषि समृद्धि और आत्मनिर्भर ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूत आधारशिला बनेगा।

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