अहमदाबाद | केंद्र सरकार ने एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक निर्णय लेते हुए गुजरात कैडर के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी राजीव रंजन भगत को स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (SPG) का एडिशनल डायरेक्टर जनरल (ADG) नियुक्त किया है। 1998 बैच के आईपीएस अधिकारी भगत लंबे समय से एसपीजी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं और अब उन्हें इस प्रतिष्ठित विंग में बड़ी पदोन्नति दी गई है। यह नियुक्ति गुजरात पुलिस महकमे के लिए भी बेहद गौरव का क्षण है। गौरतलब है कि देश के प्रधानमंत्री की सुरक्षा का अभेद्य जिम्मा संभालने वाली इस सर्वोच्च सुरक्षा एजेंसी का गठन 2 जून 1988 को हुआ था और वर्तमान में यह विशेष सुरक्षा कवच सिर्फ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को प्राप्त है।
आईजी से एडीजी पद पर मिली तरक्की, जानिए कैसा रहा अब तक का सफर
केंद्र सरकार द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के मुताबिक, राजीव रंजन भगत को एसपीजी में इंस्पेक्टर जनरल (IG) के पद से प्रमोट करके एडिशनल डायरेक्टर जनरल (ADG) की कमान सौंपी गई है। वह इस विशिष्ट सुरक्षा एजेंसी की मुख्य लीडरशिप टीम में शामिल होकर देश की सबसे संवेदनशील सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी करेंगे। भगत सबसे पहले 20 मई 2018 को केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर बतौर डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल (DIG) 5 साल के लिए एसपीजी में शामिल हुए थे। केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर आने से पहले वह गुजरात में आईजीपी सीआईडी (इंटेलिजेंस ब्यूरो) के बेहद महत्वपूर्ण पद पर तैनात थे।
साल 2027 तक बढ़ी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति, पीएम के माने जाते हैं भरोसेमंद
राजीव रंजन भगत लंबे समय से एसपीजी संगठन का हिस्सा रहे हैं और उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सबसे विश्वसनीय और कुशल अधिकारियों में गिना जाता है। मई 2023 में उनकी मूल प्रतिनियुक्ति की अवधि समाप्त हो रही थी, लेकिन उनकी कार्यकुशलता को देखते हुए केंद्र सरकार ने उन्हें लगातार सेवा विस्तार दिया। इसके बाद अप्रैल 2025 में सरकार ने उनकी प्रतिनियुक्ति अवधि को दो साल के लिए और बढ़ाकर 20 मई 2027 तक कर दिया था। मार्च 2026 में भारत सरकार के अतिरिक्त महानिदेशक स्तर के पैनल में शामिल होने के तुरंत बाद, कैबिनेट की नियुक्ति समिति (ACC) की मंजूरी से उन्हें अब आधिकारिक तौर पर एडीजी का पद और हैसियत प्रदान कर दी गई है।
इतिहास में एमए और बिहार के मूल निवासी, वर्तमान नेतृत्व संरचना
1998 बैच के प्रतिभावान आईपीएस अधिकारी राजीव रंजन भगत मूल रूप से बिहार के रहने वाले हैं और उन्होंने इतिहास विषय में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की है। केंद्र सरकार के नए आदेश के अनुसार, वह 20 मई 2027 तक इस सर्वोच्च पद पर बने रहकर देश के सबसे सुरक्षित संगठन के नेतृत्व को मजबूती देंगे। अगर एसपीजी के वर्तमान शीर्ष नेतृत्व की बात करें, तो इसके डायरेक्टर पद की जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश कैडर के 1991 बैच के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी आलोक शर्मा संभाल रहे हैं, जिन्हें नवंबर 2023 में इस शीर्ष पद पर नियुक्त किया गया था।

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