इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) का बीता सीजन राजस्थान रॉयल्स के युवा बल्लेबाजी सनसनी वैभव सूर्यवंशी के लिए किसी सुनहरे सपने जैसा रहा। महज 15 वर्ष की अल्हड़ उम्र में उन्होंने दुनिया की सबसे बड़ी क्रिकेट लीग में बड़े-बड़े धुरंधरों को पछाड़ते हुए टूर्नामेंट के सबसे सफल बल्लेबाज का गौरव हासिल किया और पूरे सीजन में 776 रन कूटकर 'ऑरेंज कैप' पर कब्जा जमाया। मेगा ऑक्शन से पहले राजस्थान रॉयल्स ने इस होनहार खिलाड़ी को 1.10 करोड़ रुपये की रिटेनर राशि पर रिटेन किया था। हालांकि, यह रकम उनकी वास्तविक कमाई का सिर्फ एक हिस्सा है, क्योंकि मैदान पर उनके बल्ले की गूंज ने उन्हें सीजन के दौरान कई व्यक्तिगत ट्रॉफियां और बंपर नकद पुरस्कार भी दिलाए।
अंतिम समारोह में बरसे पुरस्कार, इनामों से ही कमा लिए लाखों रुपये
अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में संपन्न हुए फाइनल मुकाबले के बाद आयोजित क्लोजिंग सेरेमनी में वैभव सूर्यवंशी पर पुरस्कारों की जमकर बारिश हुई। टूर्नामेंट के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी के तौर पर उन्हें 'मोस्ट वैल्यूएबल प्लेयर' (MVP) चुना गया, जिसके लिए उन्हें 15 लाख रुपये मिले। इसके अलावा, ऑरेंज कैप के लिए 10 लाख रुपये, 'सुपर सिक्सेस ऑफ द सीजन' के लिए 10 लाख रुपये और सर्वश्रेष्ठ युवा खिलाड़ी यानी 'इमर्जिंग प्लेयर ऑफ द सीजन' के लिए भी 10 लाख रुपये का नकद इनाम दिया गया। इस तरह केवल सीजन के मुख्य पुरस्कारों के जरिए ही उन्होंने 45 लाख रुपये की अतिरिक्त कमाई की और साथ ही 'सुपर स्ट्राइकर ऑफ द सीजन' बनने पर चमचमाती टाटा सिएरा कार भी अपने नाम की।
मैच फीस और अन्य पुरस्कारों को मिलाकर 2.50 करोड़ के पार पहुंची कमाई
आईपीएल के नियमों के तहत मिलने वाली अनुबंध राशि (रिटेनरशिप) के अलावा खिलाड़ियों को प्रति मैच के हिसाब से फीस भी दी जाती है। वैभव सूर्यवंशी ने इस सीजन में राजस्थान रॉयल्स की ओर से सभी 16 मैचों में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। प्रति मुकाबला 7.5 लाख रुपये की मैच फीस के हिसाब से उन्होंने सिर्फ खेलने के बदले में 1.20 करोड़ रुपये अर्जित किए। इसके अतिरिक्त, लीग चरण के दौरान उन्होंने कई मैचों में 'इलेक्ट्रिक स्ट्राइकर ऑफ द मैच' और सबसे ज्यादा छक्के मारने जैसे व्यक्तिगत खिताब जीते, जिनमें से प्रत्येक के लिए एक-एक लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि मिलती है। इन सभी आंकड़ों को जोड़ दिया जाए, तो 15 वर्षीय इस खिलाड़ी की कुल कमाई 2.50 करोड़ रुपये के जादुई आंकड़े को पार कर गई है।
लगातार दूसरे साल जीती कार, मगर उम्र के कारण खुद नहीं भर पाएंगे रफ्तार
वैभव सूर्यवंशी के नाम इस सीजन में एक बेहद दिलचस्प और अनोखा रिकॉर्ड भी दर्ज हुआ। टूर्नामेंट के सबसे धाकड़ स्ट्राइक रेट वाले बल्लेबाज बनने पर उन्हें टाटा सिएरा कार तोहफे में मिली। कमाल की बात यह है कि पिछले साल भी वे ही 'सुपर स्ट्राइकर' रहे थे और तब उन्हें टाटा कर्व कार मिली थी। हालांकि, एक मजेदार पेंच यह है कि गैराज में दो-दो लग्जरी गाड़ियां होने के बावजूद वैभव फिलहाल इनमें से किसी को भी खुद सड़क पर नहीं दौड़ा सकते। भारतीय यातायात नियमों के अनुसार, देश में हल्के मोटर वाहन (कार/मोटर साइकिल) चलाने और ड्राइविंग लाइसेंस हासिल करने की न्यूनतम आयु 18 वर्ष तय है। चूंकि वैभव अभी महज 15 साल के हैं, इसलिए बिना वैध लाइसेंस के उनका गाड़ी चलाना कानूनी तौर पर जुर्म होगा। ऐसे में उन्हें अपनी ही जीती हुई कारों की सवारी करने के लिए अभी तीन साल और इंतजार करना होगा।

More Stories
जब विराट कोहली से मिले ‘वंडर बॉय’ वैभव: पहले किया नमस्ते, फिर किंग ने कंधे पर हाथ रखकर थपथपाई पीठ
आईपीएल 2026 के ‘फाइव वंडर्स’: प्रिंस यादव को मिला भारतीय टीम से बुलावा, वैभव सूर्यवंशी ने भी बल्ले से रचा इतिहास
सुनंदा पुष्कर मर्डर मिस्ट्री में ललित मोदी का धमाका: दावा- ‘शशि थरूर और IPL को बेनकाब करने वाली थीं सुनंदा, इसलिए हुई हत्या’