नई दिल्ली | दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा (Crime Branch) ने एक बड़े हत्याकांड का खुलासा करते हुए नौ साल से फरार चल रहे 46 वर्षीय आरोपी चंदन कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पर अपनी ही रिश्तेदार की हत्या कर 50 लाख रुपये की बीमा राशि और मकान हड़पने का आरोप है। पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए 29 मई को चंदन को बिहार के लखीसराय से धर दबोचा। इस मामले का एक अन्य मुख्य आरोपी पहले ही दम तोड़ चुका है।
50 लाख के बीमे और संपत्ति के लिए रची गई साजिश
यह पूरा मामला अगस्त 2017 का है, जब बुराड़ी के अजीत विहार में 43 वर्षीय अनीता देवी की बेरहमी से गला रेतकर हत्या कर दी गई थी। जांच में सामने आया कि अनीता देवी की हत्या किसी बाहरी व्यक्ति ने नहीं, बल्कि उनके सगे भाई कमल कुमार ने अपने दो सालों (चंदन कुमार और कुंदन कुमार) के साथ मिलकर की थी। दरअसल, मृतका ने अपनी 50 लाख रुपये की जीवन बीमा पॉलिसी में भाई कमल कुमार को नॉमिनी बनाया था और अपने मकान की वसीयत भी कमल के बेटे के नाम कर रखी थी। इसी मोटी रकम और संपत्ति को हथियाने के लिए इस खूनी खेल की स्क्रिप्ट लिखी गई। अदालत ने चंदन कुमार को इस मामले में पहले ही भगोड़ा घोषित कर दिया था।
पति को फंसाने की नाकाम कोशिश
22 अगस्त 2017 को जब पुलिस को अजीत विहार के एक मकान में अनीता देवी का खून से लथपथ शव मिला, तो मुख्य आरोपी कमल कुमार ने शातिर दिमाग लगाते हुए पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की। उसने हत्या का झूठा आरोप मृतका के पति गिरधारी लाल पर मढ़ दिया ताकि वह खुद बच सके। हालांकि, पुलिस की गहन तफ्तीश के सामने यह झूठ ज्यादा दिन नहीं टिक सका। वैज्ञानिक और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों से साफ हो गया कि कमल ने ही अपने साले चंदन और कुंदन के साथ मिलकर इस पूरी वारदात को अंजाम दिया था और जीजा को झूठा फंसाने की साजिश रची थी।
कर्ज के दलदल ने बनाया कातिल
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि आजादपुर मंडी के पास क्लीनिक चलाने वाला कमल कुमार भारी कर्ज में डूबा हुआ था। कर्जदारों से पीछा छुड़ाने और रातों-रात अमीर बनने के लिए उसने अपनी ही बहन की जान लेने का फैसला किया। वारदात को अंजाम देने के लिए आजादपुर मंडी इलाके से ही एक चाकू खरीदा गया था। पुलिस ने वारदात के कुछ समय बाद 2017 में ही कमल कुमार को गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन चंदन और कुंदन फरार होने में कामयाब रहे। फरार आरोपियों में से कुंदन की 2018 में मौत हो चुकी है, जबकि नौ साल बाद चंदन अब पुलिस की गिरफ्त में है।

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