भारत में डिजिटल भुगतान का ग्राफ लगातार नई ऊंचाइयां छू रहा है। भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के मुताबिक, यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) के जरिए होने वाले सालाना लेनदेन में 24 फीसदी का बड़ा उछाल दर्ज किया गया है, जिसके बाद कुल ट्रांजैक्शन की संख्या 23.20 बिलियन (अंकीय मात्रा) पर पहुंच गई है। वहीं, अगर पैसों के मूल्य की बात करें, तो मई के महीने में इसके जरिए कुल लेनदेन 30 लाख करोड़ रुपये के आंकड़े के बेहद करीब पहुंच गया।
अप्रैल के मुकाबले मई में भी बढ़त जारी
महीने-दर-महीने के प्रदर्शन पर नजर डालें, तो अप्रैल की तुलना में मई में यूपीआई से होने वाले ट्रांजैक्शन की संख्या में तकरीबन 3.8 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। इसी तरह, कुल लेनदेन के मूल्य में भी लगभग 3 प्रतिशत का इजाफा देखा गया। इसके साथ ही, मई के महीने में तत्काल भुगतान सेवा (IMPS) के माध्यम से 358 मिलियन ट्रांजैक्शन पूरे किए गए, जबकि इसी दौरान बायोमेट्रिक आधारित भुगतान प्रणाली (AePS) के तहत 88 मिलियन लेनदेन रिकॉर्ड किए गए।
अगर इससे ठीक पिछले महीने यानी अप्रैल की बात करें, तो डिजिटल ट्रांजैक्शन पिछले साल के मुकाबले 25 फीसदी बढ़कर 22.35 अरब तक पहुंच गए थे। अप्रैल में हुए इन लेनदेनों की कुल कीमत 29.03 लाख करोड़ रुपये रही, जो सालाना आधार पर 21 प्रतिशत की ग्रोथ को दर्शाती है। प्रतिदिन के हिसाब से देखें, तो रोजाना होने वाले औसत ट्रांजैक्शन की संख्या जो मार्च में 730 मिलियन थी, वह अप्रैल में बढ़कर 745 मिलियन हो गई।
10 सालों में 12,000 गुना की ऐतिहासिक छलांग
भारत का यह स्वदेशी डिजिटल पेमेंट सिस्टम अब घरेलू बाजार तक ही सीमित नहीं है। वर्तमान में यूपीआई दुनिया के आठ से ज्यादा देशों में पूरी तरह काम कर रहा है, जिनमें यूएई, सिंगापुर, भूटान, नेपाल, श्रीलंका, फ्रांस, मॉरीशस और कतर जैसे देश शामिल हैं। इन वैश्विक कदमों ने भारत को डिजिटल करेंसी और भुगतान के मामले में दुनिया का अगुआ बना दिया है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, पिछले एक दशक (10 साल) के भीतर भारत के इस प्रमुख डिजिटल पेमेंट प्लेटफॉर्म ने लेनदेन की संख्या में 12,000 गुना की हैरान करने वाली तरक्की की है। वित्त वर्ष 2016-17 में जहां सालाना केवल 2 करोड़ ट्रांजैक्शन होते थे, वहीं वित्त वर्ष 2025-26 में यह आंकड़ा बढ़कर 24,162 करोड़ से भी पार चला गया है। एनपीसीआई के इस सिस्टम ने मोबाइल के जरिए बैंकों के बीच तुरंत पैसे ट्रांसफर करने की सुविधा देकर देश की बैंकिंग व्यवस्था को पूरी तरह बदल दिया है।

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