दौसा | नौतपा की भीषण तपन के बीच शुक्रवार को जिले में कुदरत का बेहद उग्र रूप देखने को मिला। अचानक आई तेज आंधी और मूसलाधार बारिश ने आम जनता को चिलचिलाती धूप से सुकून तो दिया, लेकिन कई इलाकों में भारी तबाही भी मचाई। इस मौसमी आपदा के कारण हुए विभिन्न हादसों में दो लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी, जबकि एक व्यक्ति गंभीर रूप से जख्मी हो गया। जिले में कई जगहों पर विशालकाय पेड़ धराशायी हो गए, टिन शेड हवा में उड़ गए और दीवारें ढह गईं, जिससे विद्युत व्यवस्था भी पूरी तरह ठप हो गई।
आंधी और मलबे की चपेट में आने से दो की मौत, एक जख्मी
खराब मौसम के चलते लालसोट क्षेत्र के रायमलपुरा गांव में उस वक्त मातम छा गया, जब तेज अंधड़ के कारण एक भारी-भरकम टिन शेड उखड़कर गिर गया। इसकी चपेट में आने से 35 वर्षीय घनश्याम मीणा मलबे के नीचे दब गए और ग्रामीणों के राहत प्रयास करने से पहले ही उन्होंने दम तोड़ दिया। इसी तरह की एक अन्य दुखद घटना बाढ़ देहलाल गांव में सामने आई, जहां आंधी के वेग से एक पुरानी दीवार अचानक ढह गई। हादसे में 65 वर्षीय बुजुर्ग महिला लाडो देवी की घटनास्थल पर ही मौत हो गई, जबकि उनका बेटा बद्री घायल हो गया, जिसे तुरंत नजदीकी अस्पताल में दाखिल कराया गया है।
बिजली का विशाल टॉवर गिरा, तारों में उलझकर पलटी गाड़ी
शुक्रवार देर शाम जयपुर रोड स्थित लालसोट हाईवे पुलिया के समीप एक बड़ा हादसा उस समय टल गया, जब दौसा-बस्सी 220 केवी विद्युत लाइन का एक विशालकाय टॉवर अचानक जमीन पर आ गिरा। इसी दौरान वहां से गुजर रही एक स्कॉर्पियो कार हाई वोल्टेज तारों के जाल में फंसकर पलट गई। गनीमत रही कि वाहन में सवार सेवानिवृत्त बीडीओ नाहर सिंह मीणा और उनके परिवार के तीनों अन्य सदस्य पूरी तरह सुरक्षित रहे। घटना की भनक लगते ही पुलिस, प्रशासन और डिस्कॉम की टीमें मौके पर दौड़ीं और पुलिया पर आवाजाही रोककर यातायात को शहर के अंदरूनी रास्तों की तरफ मोड़ा। डिस्कॉम के तकनीकी अधिकारियों के अनुसार, टॉवर गिरने से आपूर्ति ठप हो गई थी, जिसे बाद में सवाई माधोपुर से रिंग सिस्टम जोड़कर बहाल किया गया।
रिहायशी इलाकों में भारी तबाही, नुकसान के आकलन में जुटा प्रशासन
इस चक्रवाती अंधड़ ने शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में मकानों और दुकानों को भारी नुकसान पहुंचाया है। बिशनपुरा रोड पर एक बड़ा पेड़ उखड़कर पास के मकान पर गिर गया, जिससे एक कमरा पूरी तरह जमींदोज हो गया। इसके अलावा कुम्हारों की ढाणी उदावाला में भी दर्जनों घरों की छतों पर लगे टिन शेड हवा में तिनके की तरह उड़ गए। प्राकृतिक आपदा की विभीषिका को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने प्रभावित बस्तियों का मुआयना शुरू कर दिया है, ताकि पीड़ितों के नुकसान का सही सर्वे कर उन्हें उचित मुआवजा दिया जा सके।

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