खगड़िया: बिहार के खगड़िया जिले के मुफस्सिल थाना इलाके के अंतर्गत आने वाले मथार दियारा में मंगलवार देर रात एक बड़ा और दर्दनाक हादसा हो गया। यहाँ गंगा नदी के तट पर परवल के खेत की रखवाली कर रहे दो बुजुर्ग किसानों की आकाशीय बिजली (वज्रपात) की चपेट में आने से मौके पर ही मौत हो गई। इस दुखद घटना के बाद से पूरे इलाके में सन्नाटा पसरा हुआ है और पीड़ित परिवारों में कोहराम मचा है।
खेत में सोते समय हुआ वज्रपात, सुबह किसानों ने अचेत हालत में देखा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतकों की पहचान बरारी के जंगली मंडल टोला के रहने वाले 55 वर्षीय कापो मंडल और मथार गांव के निवासी 60 वर्षीय गोरख यादव के रूप में हुई है। दोनों किसान रोज की तरह रात के समय गंगा किनारे अपने परवल के खेत में सो रहे थे, ताकि फसलों की रखवाली की जा सके। इसी बीच देर रात अचानक मौसम ने करवट ली और तेज आंधी-बारिश के साथ बिजली कड़कने लगी। इसी दौरान कड़कती बिजली सीधे दोनों किसानों पर आ गिरी। बुधवार सुबह जब अन्य ग्रामीण खेतों की तरफ काम करने निकले, तो दोनों को वहां अचेत पड़े देखा, जिससे गांव में हड़कंप मच गया।
पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा, कानूनी प्रक्रिया शुरू
खेत में दो किसानों की मौत की खबर मिलते ही रोते-बिलखते परिजन और सैकड़ों ग्रामीणों की भीड़ मौके पर इकट्ठा हो गई। स्थानीय लोगों द्वारा मुफस्सिल थाना पुलिस को मामले की सूचना दी गई। जानकारी पाकर थाना अध्यक्ष अमरजीत प्रताप सिंह पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुँचे। पुलिस ने पंचनामा भरने के बाद दोनों शवों को अपने कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए खगड़िया सदर अस्पताल भेज दिया। थाना प्रभारी ने बताया कि पुलिस मामले में नियमानुसार आगे की विधिक कार्रवाई कर रही है।
गांव में पसरा मातम, मेहनतकश किसानों की मौत से हर कोई स्तब्ध
स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि कापो मंडल और गोरख यादव दोनों ही बेहद सीधे, सरल स्वभाव के और कठिन परिश्रम करने वाले किसान थे। अपनी फसलों को बचाने की जद्दोजहद में उन्होंने अपनी जान गंवा दी। एक ही रात में गांव के दो बुजुर्गों की इस तरह अचानक हुई मौत से मथार और बरारी इलाके के लोग स्तब्ध हैं। पीड़ित परिवारों की आर्थिक स्थिति को देखते हुए ग्रामीणों ने प्रशासन से मुआवजे की भी मांग की है, वहीं ढांढस बंधाने के लिए मृतकों के घर पर लोगों का तांता लगा हुआ है।

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